{"_id":"62e586c75b3b276c907340b8","slug":"the-injured-elderly-man-was-brought-to-the-hospital-by-loading-in-a-four-kilometer-doli-haldwani-news-hld4708537100","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार किलोमीटर डोली में लादकर घायल बुजुर्ग को पहुंचाया अस्पताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चार किलोमीटर डोली में लादकर घायल बुजुर्ग को पहुंचाया अस्पताल
विज्ञापन
हल्द्वानी। फतेहपुर क्षेत्र के नाईसेला गांव में बुजुर्ग महिला के घायल होने पर ग्रामीणों ने डोली में बैठाकर चार किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक पहुंचाया जहां से उसे इलाज के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल लाया गया।
नाईसेला गांव की 68 वर्षीय पार्वती देवी शुक्रवार रात पांव में रपटने से घायल हो गई थीं। ग्रामीणों ने सुबह महिला को डोली में लादकर चार किलोमीटर का दुर्गम रास्ता पैदल पार किया। मुख्य सड़क से महिला को गाड़ी के जरिये सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचाया जहां उनका इलाज चल रहा है। फिलहाल वह खतरे से बाहर हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता आनंद पांडे ने बताया कि नाईसेला गांव में सड़क, स्वास्थ्य और संचार का कोई साधन नहीं है जिस कारण गांव में बीमार, घायल या गर्भवती महिलाओं को डोली में लादकर अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। गांव से नजदीकी अस्पताल की दूरी 14 किलोमीटर है। उन्होंने बताया कि पिछले सात साल से ग्रामीण गांव को सड़क से जोड़ने की मांग कर रहे हैं। मगर अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। आजादी के साढ़े सात दशक बात भी नाईसेला गांव के लोग सुविधाओं से वंचित हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
नाईसेला गांव की 68 वर्षीय पार्वती देवी शुक्रवार रात पांव में रपटने से घायल हो गई थीं। ग्रामीणों ने सुबह महिला को डोली में लादकर चार किलोमीटर का दुर्गम रास्ता पैदल पार किया। मुख्य सड़क से महिला को गाड़ी के जरिये सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचाया जहां उनका इलाज चल रहा है। फिलहाल वह खतरे से बाहर हैं।
विज्ञापन
सामाजिक कार्यकर्ता आनंद पांडे ने बताया कि नाईसेला गांव में सड़क, स्वास्थ्य और संचार का कोई साधन नहीं है जिस कारण गांव में बीमार, घायल या गर्भवती महिलाओं को डोली में लादकर अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। गांव से नजदीकी अस्पताल की दूरी 14 किलोमीटर है। उन्होंने बताया कि पिछले सात साल से ग्रामीण गांव को सड़क से जोड़ने की मांग कर रहे हैं। मगर अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। आजादी के साढ़े सात दशक बात भी नाईसेला गांव के लोग सुविधाओं से वंचित हैं।
विज्ञापन