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बेनतीता रही डेढ़ घंटे चली वार्ता
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी
Updated Sat, 03 Dec 2016 01:50 AM IST
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बेनतीता रही डेढ़ घंटे चली वार्ता
- फोटो : अमर उजाला
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चिकित्सा-शिक्षा सचिव/मंडलायुक्त के साथ चिकित्सा विभाग में कार्यरत उपनल कर्मियों की दो घंटे की बैठक बेनतीजा रही। मंडलायुक्त ने कर्मियों को सेवाएं देने के लिए हड़ताल से लौटने आह्वान किया, लेकिन वे नहीं माने।
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अस्पताल की व्यवस्थाएं बहाल करने के लिए प्रशासन अब वैकल्पिक व्यवस्था करेगा। दैनिक वेतन में आने वाले उपनल कर्मियों को प्राथमिकता के आधार पर रखा जाएगा। मंडलायुक्त ने साफ कर दिया कि किसी भी उपनल कर्मी को हटाया नहीं जाएगा। कर्मियों ने जीओ आने तक हड़ताल जारी रखने की बात कही।
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शुक्रवार को चिकित्सा-शिक्षा सचिव/मंडलायुक्त डी. सैंथिल पांडियन ने उपनल कर्मियों से हड़ताल खत्म करने की अपील की। कहा कि चिकित्सा आवश्यक सेवा है और इसमें व्यवधान करना ठीक नहीं है।
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हड़ताल किसी समस्या का समाधान नहीं है। हड़ताल से मरीज एवं तीमारदार प्रभावित हो रहे हैं। अस्पतालों में गंदगी फैलने से संक्रामक बीमारियों के फैलने का भी खतरा है।
निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना एवं राजकीय मेेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसौड़ा को आदेश दिए कि वे उपनल चिकित्सा कर्मियों की श्रेणीवार मांगों का अध्ययन कर तत्काल प्रस्ताव प्रस्तुत करें। ताकि शासन के संज्ञान में लाकर सकारात्मक कार्यवाही की जाए। आयुक्त ने कहा कि उपनल कर्मियों की मांग कैबिनेट में विचाराधीन है।
उन्होंने प्राचार्य को निर्देश दिए कि उपनल कर्मी हड़ताल खत्म कर काम पर नहीं लौटते हैं तो दैनिक वेतन के आधार पर कर्मियों की तैनाती कर चिकित्सालय में काम शुरू कराएं, ताकि मरीजों को आवश्यक सेवाएं दी जा सके।
चिकित्सा-शिक्षा निदेशक, प्राचार्य एवं सिटी मजिस्ट्रेट केके मिश्रा को निर्देश दिए कि तत्काल दैनिक वेतन पर सफाई कर्मी तैनात कराएं। उपनल कर्मियों से मंडलायुक्त ने लगभग डेढ़ घंटे तक वार्ता की, लेकिन बेनतीजा रही।
उपनल कर्मियों ने साफ कर दिया कि जीओ आने तक हड़ताल से वापस नहीं लौटेंगे। उपनल कर्मियों ने शुक्रवार को भी बुद्ध पार्क में दो सूत्रीय मांगों को लेकर धरना दिया और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।