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Haldwani News: चार घंटे में मादा तेंदुए को किया ट्रैंक्यूलाइज, दो बच्चों के साथ बाग में डेरा डाले हुए थी

Mon, 03 Jun 2024 07:14 AM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: हीरा मेहरा Updated Mon, 03 Jun 2024 07:14 AM IST
सार

Haldwani: लामाचौड़ खाम में चार दिन से आम के बगीचे दो बच्चों के साथ डेरा जमाए मादा तेंदुआ को रविवार को वन विभाग की टीम ने चार घंटे की मशक्कत के बाद ट्रैंक्यूलाइज कर पकड़ लिया।

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The female leopard was tranquilized in four hours in haldwani
चार घंटे में मादा तेंदुए को किया ट्रैंक्यूलाइज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हल्द्वानी के लामाचौड़ खाम में चार दिन से आम के बगीचे दो बच्चों के साथ डेरा जमाए मादा तेंदुआ को रविवार को वन विभाग की टीम ने चार घंटे की मशक्कत के बाद ट्रैंक्यूलाइज कर पकड़ लिया लेकिन तेंदुए के दोनों बच्चे टीम के पकड़ में नहीं आए। उन्हें पकड़ने के लिए देर रात तक वन विभाग का रेस्क्यू अभियान जारी थी। टीम ने दोनों बच्चों को पकड़ने के लिए मादा तेंदुए को पिंजरे में बगीचे में ही रखा है। वन विभाग के रेस्क्यू अभियान दौरान आसपास के गांव के लोगों का जमावड़ा लगा रहा।

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जानकारी के मुताबिक बीती 30 मई को लामाचौड़ क्षेत्र में चारधाम मंदिर के पीछे गुजरौड़ा गांव की एक पुलिया के नीचे आम के बगीचे में मादा तेंदुए और उसके दो बच्चे घूमते हुए देखे गए थे। अगले दिन यानी कि 31 मई को फिर बगीचे में दो बच्चों के साथ मादा तेंदुआ दिखने से क्षेत्र में दहशत फैल गई। तब से मादा तेंदुआ अपने बच्चों को साथ सड़क किनारे बगीचे में ही डटी हुई थी। वहीं वन विभाग की टीम भी तेंदुआ और उसके दोनों बच्चों को रेस्क्यू करने में लगी थी लेकिन शनिवार तक कोई कामयाबी नहीं मिली।

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रविवार को तेंदुए को रेस्क्यू करने के लिए विभागीय चिकित्सक डॉ. आयुष के पहुंचने पर वन विभाग ने शाम चार बजे अभियान शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद टीम को रात आठ बजे मादा तेंदुआ को ट्रैंक्यूलाइज करने में सफलता मिल पाई। लेकिन टीम मादा तेंदुआ को पकड़ती, इससे पहले ही वह बच्चों को लेकर झाड़ियों में चली गई। तब टीम ने जेसीबी से झाड़ियों को साफ कराया। इस तरह टीम को मादा तेंदुआ को ढूंढने में आधा घंटा लग गया। इसके बाद उसे पिंजरे में कैद कर लिया गया।लेकिन तेंदुए के बच्चे पकड़ में नहीं आ पाए। वन विभाग की टीम देर रात तक मादा तेंदुए के दोनों बच्चों की तलाश करने में लगी थी। इस दौरान डीएफओ यूसी तिवारी और भांखड़ा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी नवीन रौतेला अपनी टीम के साथ मौजूद रहे।

तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाया जाल, उड़ाया ड्रोन
वन विभाग की टीम ने मादा तेंदुए और उसके दो बच्चों को पकड़ने के लिए जाल भी लगाया था। साथ ही उसकी लोकेशन जानने को लिए ड्रोन भी उड़ाया। अधिकारियों को यह चिंता भी सता रही थी कि मादा तेंदुआ किसी पर हमला करे, इससे पहले उसे किसी भी तरह पकड़ लिया। ताकि कोई अप्रिय घटना न हो सके। इसके मद्देनजर अधिकारी मादा तेंदुआ और उसके बच्चों को पकड़ने के लिए पूरी तैयारी के साथ पहुंचे थे।

ग्रामीणों ने किया सहयोग
लामाचौड़ खास में पिछले कई दिनों से दहशत का कारण बनी मादा तेंदुआ और उसके दाेनों बच्चों को पकड़ने के लिए प्रधान परमजीत कौर, जसवंत सिंह जस्सा समेत अन्य ग्रामीणों ने वन विभाग का सहयोग किया। रेस्क्यू अभियान के दौरान जरूरत पड़ने पर ग्रामीणाें ने जेसीबी समेत अन्य वाहन भी उपलब्ध कराए।

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