नुकसान: तो एप्रोच रोड बहने का इंतजार कर रहा था NHAI, गौला पुल के अस्थायी निर्माण के बाद विभाग बना रहा लापरवाह
गौला नदी में बीते दिनों आए उफान से पुल की एप्रोच रोड बह गई। मौजूदा हालात के लिए कहीं न कहीं एनएचएआई भी कम जिम्मेदार नहीं है। तीन साल पहले ऐसी ही आपदा में यही एप्रोच सड़क बही थी, तब एनएचएआई ने अस्थायी समाधान कर सड़क बना दी।
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गौला नदी में बीते दिनों आए उफान से पुल की एप्रोच रोड (संपर्क मार्ग) बह गई पर मौजूदा हालात के लिए कहीं न कहीं एनएचएआई भी कम जिम्मेदार नहीं है। तीन साल पहले ऐसी ही आपदा में यही एप्रोच सड़क बही थी, तब एनएचएआई ने अस्थायी समाधान कर सड़क बना दी। तीन साल तक एनएचएआई ने स्थायी सुरक्षा कार्यों के लिए कोई कदम नहीं उठाया।
दरअसल, अक्तूबर 2021 में गौला नदी के रौद्र रूप से गौला पुल की एप्रोच रोड बह गई थी। तब एनएचएआई ने अस्थायी कार्य कर सड़क निर्माण कर पुल पर यातायात शुरू कर दिया था। इसमें तकरीबन नौ करोड़ का खर्चा आया था। तीन साल बाद 14 सितंबर को फिर एप्रोच रोड बह गई। इस बार फिर गौला नदी के बहाव से हो रहे नुकसान को रोकने के लिए स्थायी समाधान की बात हो रही है। बता दें कि इसी माह नदी के प्रोटेक्शन वर्क के लिए 28 करोड़ रुपये के कार्यों के लिए टेंडर जारी किया था। पर काम शुरू होने से पहले एप्रोच सड़क बह गई।
अप्रैल 2021 में इस पुल और सड़क की जिम्मेदारी हमें मिली है। तब आपदा के बाद हमने यातायात शुरू करने के लिए एप्रोच सड़क बनाई थी। यह स्थायी निर्माण था। परंतु नदी को चैनलाइज करने का स्थायी कार्य हमें करना था। परंतु किन्हीं कारणों से यह काम नहीं हो सका।
-विकास मित्तल, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई
नदी को चैनलाइज का काम हुआ शुरू
सोमवार को जलस्तर कम होने पर गौला नदी को चैनलाइज करने के लिए चार पोकलेन नदी में उतारीं गईं। इसमें से दो मशीन लोनिवि और दो मशीनें एनएचएआई की रहीं। नदी को चैनलाइज करने के बाद ही सड़क निर्माण का कार्य शुरू होगा। चैनलाइज करने में करीब तीन दिन का समय लग सकता है।
टेंडर पर टेंडर और करोड़ों का खेल
साल 2008 में गौला पुल बहने के बाद वुडहिल कंस्ट्रक्शन कंपनी ने साढ़े 19 करोड़ की लागत से नया पुल बनाया था जो साल 2013 में तैयार हुआ था। इसके बाद 19 अक्तूबर 2021 में पुल की एप्रोच सड़क बह गई। तब इसे दुरुस्त करने में नौ करोड़ रुपये का खर्च आया था।
चोरगलिया सड़क के निरीक्षण के लिए कल आएगी पंतनगर की टीम
गौला नदी के उफान पर आने के बाद चोरगलिया सड़क को भी काफी नुकसान हुआ है। चोरगलिया क्रॉसिंग से गौला पुल की तरफ जाने वाली इस सड़क का बड़ा हिस्सा नदी में समा गया है। लोनिवि के अधिकारियों ने बताया कि इसे दुरुस्त करने में 10 करोड़ रुपये से ज्यादा का खर्चा आएगा। वहीं विशेषज्ञों की राय के लिए पंतनगर विश्वविद्यालय को पत्र लिखा गया था। उन्होंने निरीक्षण के लिए बुधवार का समय दिया है। टीम में विवि के सिविल इंजीनियरिंग के विशेषज्ञ शामिल रहेंगे। इनकी राय के अनुसार स्टीमेट में बदलाव किया जाएगा।