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मां को इकलौती बेटी ने दी मुखाग्नि
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Thu, 14 May 2015 01:49 AM IST
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कम उम्र में लकवा रोग से पीड़ित एक गरीब महिला राधा रौतेला ने मंगलवार रात घर में दम तोड़ दिया। राजपुरा स्थित मुक्तिधाम घाट पर उसकी इकलौती बेटी ने अपनी मां को मुखाग्नि दी। महिला के पति की दो साल पहले मौत हो चुकी है। बेटी का खर्च उसकी बुआ ही चलाती हैं।
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आनंदवन तल्ला गोरखपुर निवासी स्व.कुंदन सिंह रौतेला की पत्नी राधा रौतेला (35) एक साल पहले लकवाग्रस्त हो गई थी। संतान के नाम पर उनकी इकलौती बेटी गीतांजलि है। पति की दो साल पहले मौत गई थी। मंगलवार रात घर में ही राधा ने दम तोड़ दिया। इसकी जानकारी मिलने पर वार्ड नंबर 10 के पार्षद दिनेश सिंह बिष्ट मौके पर पहुंचे। पूछने पर पता चला कि राधा अपनी ननद गुड्डी के मकान में रहती थी।
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पार्षद ने पड़ोसियों की मदद से शव को राजपुरा घाट स्थित मुक्तिधाम पहुंचाया, जहां हाईस्कूल में पढ़ने वाली इकलौती बेटी ने अपनी मां को मुखाग्नि दी। पार्षद का कहना था कि राधा की आर्थिक हालत काफी खराब थी, लेकिन बुरे वक्त में भी उसने किसी से मदद नहीं मांगी। अगर उसने मदद मांगी होती तो उसका इलाज कराया जा सकता था।
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