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Nainital News: केंद्र सरकार ने वन अधिकार अधिनियम के सुस्त कार्यान्वयन का लिया संज्ञान

Fri, 28 Nov 2025 01:35 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Updated Fri, 28 Nov 2025 01:35 AM IST
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The Central Government has taken cognizance of the tardy implementation of the Forest Rights Act.
लालकुआं। वन अधिकार समिति की ओर से बिंदुखत्ता राजस्व गांव मामले में वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) प्रक्रिया के लिए भेजे पत्र का जनजातीय कार्य मंत्रालय ने संज्ञान लिया है। मंत्रालय ने इस संबंध में मुख्य सचिव को निर्देश जारी किए हैं। इसमें एसडीएलसी और डीएलसी स्तर पर वन अधिकार अधिनियम की वर्तमान स्थिति की गहन समीक्षा, हजारों लंबित व्यक्तिगत एवं सामुदायिक दावों का शीघ्र निपटारा और अद्यतन प्रगति प्रतिवेदन मंत्रालय को भेजने का आदेश दिया है।
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जनजातीय कार्य मंत्रालय ने उत्तराखंड में वन अधिकार अधिनियम-2006 एफआरए के अत्यंत धीमे कार्यान्वयन पर गहरी नाराज़गी जताई है। मंत्रालय के अवर सचिव तजिंदर सिंह बल के पत्र में कहा गया है कि 19 वर्ष बाद भी उत्तराखंड ने मात्र 185 दावे निपटाए हैं और केवल छह वन ग्रामों को राजस्व ग्राम बनाया है। अन्य राज्यों में लगभग 26 लाख दावे स्वीकार्य हो गए हैं। उत्तराखंड का 71 फीसदी भौगोलिक क्षेत्र वन है। यहां बड़ी संख्या में वन गुर्जर, बोक्सा और अन्य परंपरागत वनवासी रहते हैं फिर भी प्रगति नगण्य है। केंद्र ने पहले भी कई बार चेतावनी दी थी लेकिन सुधार नहीं हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार वन व राजस्व विभाग में समन्वय की कमी और राजनीतिक इच्छाशक्ति का अभाव मुख्य कारण है।
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