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भैया दूज पर बहन ने डांटा तो फांसी लगा ली
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, रामनगर (नैनीताल)।
Updated Sun, 22 Oct 2017 12:50 AM IST
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भैया दूज पर बहन ने डांटा तो फांसी लगा ली
- फोटो : अमर उजाला
हल्द्वानी। भैया दूज पर बहनें अपने भाई की दीर्घायु की कामना करती हैं, मगर मुखानी क्षेत्र में एक भाई ने बहन की मामूली-सी डांट पर फांसी लगाकर जान दे दी। त्योहार के दिन इकलौते बेटे की मौत से घर में कोहराम मच गया।
पिथौरागढ़ की रहने वाली 24 साल की रश्मि यहां मुखानी क्षेत्र में नीम के पेड़ के पास किराये के कमरे में रहती है। पिता कुंवर सिंह के निधन के बाद घर का खर्च चलाने के लिए यहां आरओ, वाटर प्यूरीफायर की दुकान में काम करती है। उसका कमरा भी दुकान के पीछे है। करीब तीन महीने पहले वह अपने 15 वर्षीय भाई पूरन सिंह गोवाड़ी उर्फ पप्पू को यहां ले आई और दुकान में काम पर लगा दिया।
रश्मि के अनुसार शनिवार सुबह करीब 9.30 बजे उसने पप्पू को जगाया और भैया दूज की तैयारी करने को कहा। जल्द नहाकर तैयार होने को कहा मगर वह मस्ती करता रहा। करीब 10.30 बजे रश्मि ने पप्पू को सबक सिखाने के मकसद से दुकान में बंद कर दिया। एक घंटे बाद जब रश्मि ने दुकान खोली तो भाई को फांसी के फंदे पर लटका देख होश उड़ गए।
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उसने पेटियां बांधने वाले प्लास्टिक की रस्सी से फंदा बनाया था। आसपास मौजूद लोगों की मदद से पप्पू को उतारकर सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुखानी थाना प्रभारी कमाल हासन और मेडिकल चौकी प्रभारी हरेंद्र सिंह नेगी ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली।
कपड़े प्रेस कर पसंदीदा खाना बनाया था
हल्द्वानी। भैया दूज के मौके पर रश्मि ने भाई पप्पू के लिए कपड़े प्रेस कर रखे थे और पसंदीदा खाना बनाया था। वह तिलक लगाकर भैया दूज का पर्व मनाना चाहती थी इसलिए छोटे भाई को डांट रही थी, लेकिन उसकी एक डांट ने यह त्योहार सूना कर दिया। तीन बहनों में इकलौते भाई को खोकर रश्मि बेसुध हो गई है। बार-बार पानी डालकर उठाने की कोशिश कर रहे है तो बार-बार बेहोश हो जा रही है। वह बड़ी उम्मीद से भाई को यहां लाई थी।
उसे क्या पता था, वह ऐसा भी कर देगा
हल्द्वानी। पिता के लापता होने के बाद तीन बहनों में दूसरे नंबर की रश्मि ने घर की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली थी। भाई एक ही था। इसलिए उसे बड़ा आदमी बनाने का सपना देखा था। लेकिन उसे क्या पता कि वह ऐसा कर देगा, जिससे मां और तीन बहनों के झिलमिलाते सपने पल भर में चकनाचूर हो जाएंगे।
हल्द्वानी में रश्मि अभिभावक की भूमिका में थी। कई बार उसने पप्पू को डांटा होगा, मगर शनिवार को त्योहार के दिन उसने जो कदम उठाया, उसने रश्मि को तोड़कर रख दिया। वह बार-बार बेहोश हो जा रही है। लोग पानी के छींटे मारकर उसे होश में ला रहे थे। रश्मि के पिता कुंवर सिंह पिथौरागढ़ में इमारत बनाने के ठेकेदार थे। 15 साल पहले 2002 में वह लापता हुए और तब से नहीं लौटे। तब रश्मि गांव के ही प्राथमिक स्कूल में पढ़ रही थी। अचानक पिता का साया उठने से घर की माली हालत बिगड़ गई।
ऊपर से दो बहनों और एक भाई को पढ़ाने-लिखाने का जिम्मा भी था। यही कारण था कि वह गांव छोड़कर हल्द्वानी आ गई। यहां से मिले पैसे वह घर भेजती है और आगे बढ़ने के लिए महिला डिग्री कॉलेज से बीए की पढ़ाई कर रही है। वह बीए अंतिम वर्ष की छात्रा है।
रश्मि ने पाई-पाई जोड़कर बड़ी बहन गीता और छोटी बहन हेमा की भी शादी की। मंझली होने के बाद भी रश्मि ने खुद शादी नहीं की और भाई का जीवन संवारने का बीड़ा उठाया। मां सरस्वती देवी के कहने पर भाई पप्पू को लेकर हल्द्वानी आ गई। जुलाई बीत जाने की वजह से भाई को किसी हाइस्कूल में प्रवेश नहीं मिल सका, इसलिए नवंबर में प्राइवेट फार्म भराना था ताकि उसका साल खराब न हो। नवंबर आने से पहले यह हादसा हो गया।
सीसीटीवी फुटेज खंगाली
हल्द्वानी। सीओ दिनेश चंद्र ढौंडियाल और मुखानी थाना प्रभारी कमाल हासन ने गोदाम में पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने पास पड़ोसियों और बहन से भी पूछताछ की। इस दौरान सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई, वहीं जब गोदाम का सीसीटीवी चेक किया तो पता चला कि कैमरा काम नहीं कर रहा है।
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पिथौरागढ़ की रहने वाली 24 साल की रश्मि यहां मुखानी क्षेत्र में नीम के पेड़ के पास किराये के कमरे में रहती है। पिता कुंवर सिंह के निधन के बाद घर का खर्च चलाने के लिए यहां आरओ, वाटर प्यूरीफायर की दुकान में काम करती है। उसका कमरा भी दुकान के पीछे है। करीब तीन महीने पहले वह अपने 15 वर्षीय भाई पूरन सिंह गोवाड़ी उर्फ पप्पू को यहां ले आई और दुकान में काम पर लगा दिया।
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रश्मि के अनुसार शनिवार सुबह करीब 9.30 बजे उसने पप्पू को जगाया और भैया दूज की तैयारी करने को कहा। जल्द नहाकर तैयार होने को कहा मगर वह मस्ती करता रहा। करीब 10.30 बजे रश्मि ने पप्पू को सबक सिखाने के मकसद से दुकान में बंद कर दिया। एक घंटे बाद जब रश्मि ने दुकान खोली तो भाई को फांसी के फंदे पर लटका देख होश उड़ गए।
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उसने पेटियां बांधने वाले प्लास्टिक की रस्सी से फंदा बनाया था। आसपास मौजूद लोगों की मदद से पप्पू को उतारकर सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुखानी थाना प्रभारी कमाल हासन और मेडिकल चौकी प्रभारी हरेंद्र सिंह नेगी ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली।
कपड़े प्रेस कर पसंदीदा खाना बनाया था
हल्द्वानी। भैया दूज के मौके पर रश्मि ने भाई पप्पू के लिए कपड़े प्रेस कर रखे थे और पसंदीदा खाना बनाया था। वह तिलक लगाकर भैया दूज का पर्व मनाना चाहती थी इसलिए छोटे भाई को डांट रही थी, लेकिन उसकी एक डांट ने यह त्योहार सूना कर दिया। तीन बहनों में इकलौते भाई को खोकर रश्मि बेसुध हो गई है। बार-बार पानी डालकर उठाने की कोशिश कर रहे है तो बार-बार बेहोश हो जा रही है। वह बड़ी उम्मीद से भाई को यहां लाई थी।
उसे क्या पता था, वह ऐसा भी कर देगा
हल्द्वानी। पिता के लापता होने के बाद तीन बहनों में दूसरे नंबर की रश्मि ने घर की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली थी। भाई एक ही था। इसलिए उसे बड़ा आदमी बनाने का सपना देखा था। लेकिन उसे क्या पता कि वह ऐसा कर देगा, जिससे मां और तीन बहनों के झिलमिलाते सपने पल भर में चकनाचूर हो जाएंगे।
हल्द्वानी में रश्मि अभिभावक की भूमिका में थी। कई बार उसने पप्पू को डांटा होगा, मगर शनिवार को त्योहार के दिन उसने जो कदम उठाया, उसने रश्मि को तोड़कर रख दिया। वह बार-बार बेहोश हो जा रही है। लोग पानी के छींटे मारकर उसे होश में ला रहे थे। रश्मि के पिता कुंवर सिंह पिथौरागढ़ में इमारत बनाने के ठेकेदार थे। 15 साल पहले 2002 में वह लापता हुए और तब से नहीं लौटे। तब रश्मि गांव के ही प्राथमिक स्कूल में पढ़ रही थी। अचानक पिता का साया उठने से घर की माली हालत बिगड़ गई।
ऊपर से दो बहनों और एक भाई को पढ़ाने-लिखाने का जिम्मा भी था। यही कारण था कि वह गांव छोड़कर हल्द्वानी आ गई। यहां से मिले पैसे वह घर भेजती है और आगे बढ़ने के लिए महिला डिग्री कॉलेज से बीए की पढ़ाई कर रही है। वह बीए अंतिम वर्ष की छात्रा है।
रश्मि ने पाई-पाई जोड़कर बड़ी बहन गीता और छोटी बहन हेमा की भी शादी की। मंझली होने के बाद भी रश्मि ने खुद शादी नहीं की और भाई का जीवन संवारने का बीड़ा उठाया। मां सरस्वती देवी के कहने पर भाई पप्पू को लेकर हल्द्वानी आ गई। जुलाई बीत जाने की वजह से भाई को किसी हाइस्कूल में प्रवेश नहीं मिल सका, इसलिए नवंबर में प्राइवेट फार्म भराना था ताकि उसका साल खराब न हो। नवंबर आने से पहले यह हादसा हो गया।
सीसीटीवी फुटेज खंगाली
हल्द्वानी। सीओ दिनेश चंद्र ढौंडियाल और मुखानी थाना प्रभारी कमाल हासन ने गोदाम में पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने पास पड़ोसियों और बहन से भी पूछताछ की। इस दौरान सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई, वहीं जब गोदाम का सीसीटीवी चेक किया तो पता चला कि कैमरा काम नहीं कर रहा है।