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संदिग्ध हालत में मिला विवाहिता का शव
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Fri, 13 May 2016 11:32 PM IST
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ज्योति
- फोटो : अमर उजाला
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संजय नगर प्रथम निवासी नव विवाहिता का शव संदिग्ध अवस्था में घर के कमरे में फांसी से लटका मिला। मृतका के पिता ने पति और सास-ससुर के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। घटना के बाद से मृतका का पति फरार है।
बिंदुखत्ता संजय नगर प्रथम निवासी नंदन सिंह कोरंगा की 22 वर्षीय पत्नी ज्योति कोरंगा का शव शुक्रवार को पंखे के कुंडे से लटका मिला। परिजनों ने दरवाजा तोड़कर उसे नीचे उतारा, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना पर सीओ महेशानंद गैरोला, तहसीलदार मोहन सिंह बिष्ट, कोतवाल वीसी पंत ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए हल्द्वानी भेजा।
जानकारी के मुताबिक बग्घाचौवान थाना झनकईया जिला (ऊधमसिंह नगर) निवासी भरत सिंह की पुत्री ज्योति का विवाह 21 अप्रैल 2015 को बिंदुखत्ता संजय नगर प्रथम निवासी प्रताप सिंह कोरंगा के पुत्र नंदन सिंह कोरंगा के साथ हुआ था। कोतवाली पहुंचे भरत सिंह ने पुलिस को बताया कि विवाह के बाद से ही नंदन बाइक और दो रुपये की मांग कर रहा था। विवाह के दो माह बाद से ही नंदन ने दहेज के लिए ज्योति के साथ मारपीट की थी। इस दौरान वह ज्योति को घर ले गए थे। इधर पुलिस ने धारा 304 बी अंतर्गत पति नंदन सिंह, ससुर प्रताप सिंह और सास मोहनी देवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
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काश पहले समझ लिया होता बेटी का दर्द
ज्योति के पिता भरत सिंह का कहना है कि काश मैंने अपनी बेटी का दर्द पहले समझ लिया होता तो यह दिन नहीं देखना पड़ता। जिस बेटी को मैंने खुशी-खुशी डोली में बैठाकर विदा किया। उसकी खुशी के बदले मुझे उसका शव देखने को मिला।
बिंदुखत्ता संजय नगर प्रथम निवासी नंदन सिंह कोरंगा की 22 वर्षीय पत्नी ज्योति कोरंगा का शव शुक्रवार को पंखे के कुंडे से लटका मिला। परिजनों ने दरवाजा तोड़कर उसे नीचे उतारा, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना पर सीओ महेशानंद गैरोला, तहसीलदार मोहन सिंह बिष्ट, कोतवाल वीसी पंत ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए हल्द्वानी भेजा।
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जानकारी के मुताबिक बग्घाचौवान थाना झनकईया जिला (ऊधमसिंह नगर) निवासी भरत सिंह की पुत्री ज्योति का विवाह 21 अप्रैल 2015 को बिंदुखत्ता संजय नगर प्रथम निवासी प्रताप सिंह कोरंगा के पुत्र नंदन सिंह कोरंगा के साथ हुआ था। कोतवाली पहुंचे भरत सिंह ने पुलिस को बताया कि विवाह के बाद से ही नंदन बाइक और दो रुपये की मांग कर रहा था। विवाह के दो माह बाद से ही नंदन ने दहेज के लिए ज्योति के साथ मारपीट की थी। इस दौरान वह ज्योति को घर ले गए थे। इधर पुलिस ने धारा 304 बी अंतर्गत पति नंदन सिंह, ससुर प्रताप सिंह और सास मोहनी देवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
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काश पहले समझ लिया होता बेटी का दर्द
ज्योति के पिता भरत सिंह का कहना है कि काश मैंने अपनी बेटी का दर्द पहले समझ लिया होता तो यह दिन नहीं देखना पड़ता। जिस बेटी को मैंने खुशी-खुशी डोली में बैठाकर विदा किया। उसकी खुशी के बदले मुझे उसका शव देखने को मिला।