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Nainital News: कॉर्बेट की गोद में पलेगी अपनों से बिछड़ी नन्ही हथिनी

Tue, 16 Sep 2025 02:37 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Updated Tue, 16 Sep 2025 02:37 AM IST
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The baby elephant separated from its family will grow up in Corbett's lapThe baby elephant separated from its family will grow up in Corbett's lap
फोटो 15 सितंबर 01- घायल हथनी को दूध पिलाते वनकर्मी।फोटो स्त्रोत वन विभाग।
रामनगर। कॉर्बेट पार्क ही एक माह की नन्ही हथिनी का अब घर होगा। अपनों से बिछड़ने के बाद उसका झुंड लेेने नहीं आया, ना ही पार्क प्रशासन को वह झुंड मिल सका जिससे यह बिछड़ी थी। अब हथिनी यहीं पलेगी-बढ़ेगी और फिर यहीं उसे रेस्क्यू ऑपरेशन के गुर भी सिखाए जाएंगे। यानि जंगल नहीं अब कॉर्बेट पार्क ही हथिनी का आजीवन संसार होगा।
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विगत माह हुई लगातार बारिश से नदी व बरसाती नालों का जलस्तर कई गुना बढ़ गया था। इसी बीच कोटद्वार की मालनी नदी में वन कर्मियों को गश्त के दौरान एक हाथी का बच्चा बहता हुआ मिला था। लैंसडोन वन प्रभाग की टीम ने उसे रेस्क्यू कर प्राथमिक उपचार के बाद सीटीआर की कालागढ़ रेंज में उपचार के लिए भेज दिया था। कालागढ़ के एसडीओ बिंदरपाल ने बताया कि हथिनी की करीब एक माह की उम्र में कालागढ़ आई थी। उन्होंने बताया कि झुंड से अलग होने के बाद वन कर्मियों की ओर से झुंड का पता लगाने का प्रयास किया गया। लेकिन झुंड की पहचान नहीं हो सकी।
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स्वस्थ होने के बाद होगा नामकरण
सीटीआर से मिली जानकारी के अनुसार, हथिनी के पैर पर गंभीर चोट आई है। अब वन कर्मियों की देखरेख में ही रहेगी। स्वस्थ होते ही पार्क प्रशासन हथिनी का नामकरण करेगा।
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अनुभवी हाथी व हथिनी को देंगे रेस्क्यू प्रशिक्षण
एसडीओ बिंदर पाल ने बताया कि कालागढ़ में गजराज नाम का एक नर जबकि झिरना में रानी व तुंगा नाम की दो हथिनियां मौजूद हैं। तीनों के पास रेस्क्यू ऑपरेशन का अच्छा अनुभव है। मादा हथिनी के स्वस्थ होने के बाद तीनों हाथी व हथिनी रेस्क्यू का प्रशिक्षण देंगे।


हथिनी के झुंड को खोजने का प्रयास किया गया था, लेकिन झुंड की पहचान नहीं हो सकी है। अब हथिनी पार्क प्रशासन की देखरेख में रहेगी और स्वस्थ होने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन का प्रशिक्षण लेगी।
- डॉ. साकेत बडोला, निदेशक, सीटीआर
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