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Nainital News: नाराज सांसद ने सीएम से कर दी मंडी परिषद पर कार्रवाई की मांग
Thu, 02 Oct 2025 01:16 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Thu, 02 Oct 2025 01:16 AM IST
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हल्द्वानी। सांसद अजय भट्ट ने सुशीला तिवारी अस्पताल में कैथ लैब निर्माण में हो रही हीलाहवाली पर मंडी परिषद के खिलाफ गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर मंडी परिषद के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है। यही नहीं भट्ट ने मंडी परिषद की ओर से कराए जा रहे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवालिया निशान खड़े किए हैं।
मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में सांसद भट्ट ने कहा है कि कुमाऊं के हृदय रोगियों को हल्द्वानी में बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए नौ करोड़ की लागत से भारत इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड के साथ एमओयू किया गया था। इस एमओयू के तहत मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने दावा किया था कि डेढ़ वर्ष के भीतर कैथ लैब को चालू कर दिया जाएगा। मंडी परिषद को इसकी कार्यदायी संस्था बनाते हुए दो करोड़ 39 लाख की धनराशि भी प्रदान की गई। कहा कि मंडी परिषद की ओर से कराए गए कार्य की गुणवत्ता इतनी निम्न स्तरीय रही कि मेडिसिन आईसीयू की छत पर खड़े किए गए ढांचे के कारण डायलिसिस सेंटर, माइनर ओटी और इमरजेंसी वार्ड तक टपकने लगा है।
कहा कि मेडिकल काॅलेज प्रबंधन की ओर से मंडी परिषद को कई बार नोटिस भेजे गए लेकिन स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है। जो काम डेढ़ वर्ष पहले हो जाना चाहिए था वह आज तक पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने इसका संज्ञान लेते हुए मंडी परिषद की ओर से की गई घोर लापरवाही के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की जिससे कैथ लैब निर्माण कार्य को शीघ्र गति मिल सके और कुमाऊं के हृदय रोगियों को इलाज के लिए दिल्ली, देहरादून और बरेली पर निर्भर न रहना पड़े।
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मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में सांसद भट्ट ने कहा है कि कुमाऊं के हृदय रोगियों को हल्द्वानी में बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए नौ करोड़ की लागत से भारत इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड के साथ एमओयू किया गया था। इस एमओयू के तहत मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने दावा किया था कि डेढ़ वर्ष के भीतर कैथ लैब को चालू कर दिया जाएगा। मंडी परिषद को इसकी कार्यदायी संस्था बनाते हुए दो करोड़ 39 लाख की धनराशि भी प्रदान की गई। कहा कि मंडी परिषद की ओर से कराए गए कार्य की गुणवत्ता इतनी निम्न स्तरीय रही कि मेडिसिन आईसीयू की छत पर खड़े किए गए ढांचे के कारण डायलिसिस सेंटर, माइनर ओटी और इमरजेंसी वार्ड तक टपकने लगा है।
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कहा कि मेडिकल काॅलेज प्रबंधन की ओर से मंडी परिषद को कई बार नोटिस भेजे गए लेकिन स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है। जो काम डेढ़ वर्ष पहले हो जाना चाहिए था वह आज तक पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने इसका संज्ञान लेते हुए मंडी परिषद की ओर से की गई घोर लापरवाही के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की जिससे कैथ लैब निर्माण कार्य को शीघ्र गति मिल सके और कुमाऊं के हृदय रोगियों को इलाज के लिए दिल्ली, देहरादून और बरेली पर निर्भर न रहना पड़े।
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