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फरार कोचिंग संचालक नेपाल में छिपा, जिला पुलिस को ठिकाने के बारे में पता लगा
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प्रतीकात्मक फोटो।
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हल्द्वानी। शहर के लोगों का करोड़ों रुपये लेकर फरार साईं कोचिंग का संचालक सुमित शर्मा उर्फ गणेश वार्ष्णेय मकान की कुर्की होने के बावजूद सामने नहीं आया। पुलिस की जांच से पता चला कि वह पड़ोसी देश नेपाल में छिपा है। अब पुलिस आरोपी तक पहुंचने के लिए कानूनी प्रक्रिया अपना रही है। पुलिस ने आरोपी का असली नाम भी पता कर लिया है।
साईं कोचिंग के नाम से सुमित शर्मा ने शहर में नौ साल पहले मुखानी के बसंत विहार, आवास विकास और बद्रीपुरा में सेंटर खोले थे। कम समय में अधिक पैसा इकट्ठा करने के लिए सुमित ने कमेटी शुरू की थी। वह महिलाओं के लिए किट्टी पार्टी भी संचालित करता था। इसमें एक युवती उसका सहयोग करती थी। अगस्त 19 को कोचिंग संचालक सहयोगी युवती के साथ फरार हो गया। इस मामले में साईं कोचिंग के अध्यापक विवेक ग्यासकोटी ने मुखानी थाने में मुकदमा दर्ज कराया। आरोप लगाया कि कोचिंग संचालक सुमित शर्मा ने उससे भी दस लाख रुपये लिए थे। बताया कि संचालक ने अभिभावकों और कर्मचारियों से करोड़ों रुपये हड़पे है।
इस मामले में एसओजी प्रभारी निरीक्षक अबुल कलाम ने जांच की तो पता चला कि सुमित अलीगढ़ का मूल निवासी है। उसका भाई बरेली में रहता है। सुमित ने हल्द्वानी के लोगों को अपना असली नाम नहीं बताया था। पुलिस को अलीगढ़ में पूछताछ से पता चला कि सुमित शर्मा का असली नाम गणेश वार्ष्णेय है। हल्द्वानी में बनाए गए उसके कागजात फर्जी हैं। पुलिस ने इस मामले में अदालत में प्रार्थनापत्र दिया। अदालत ने अभियुक्त का मकान कुर्क करने का आदेश दिया। पुलिस ने गणेश उर्फ सुमित का बद्रीपुरा स्थित मकान की कुर्की किया। इसके बावजूद वह सामने नहीं आया।
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पुलिस की जांच से पता चला कि आरोपी की लोकेशन नेपाल के काठमांडू में मिली है, जहां वहां काफी दिनों से है। पुलिस का मानना है कि गणेश उर्फ सुमित के बारे में उसके भाई को पता नहीं है। पुलिस आरोपी के भाई को भी इस मुकदमे में आरोपी बना सकती है।
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साईं कोचिंग के नाम से सुमित शर्मा ने शहर में नौ साल पहले मुखानी के बसंत विहार, आवास विकास और बद्रीपुरा में सेंटर खोले थे। कम समय में अधिक पैसा इकट्ठा करने के लिए सुमित ने कमेटी शुरू की थी। वह महिलाओं के लिए किट्टी पार्टी भी संचालित करता था। इसमें एक युवती उसका सहयोग करती थी। अगस्त 19 को कोचिंग संचालक सहयोगी युवती के साथ फरार हो गया। इस मामले में साईं कोचिंग के अध्यापक विवेक ग्यासकोटी ने मुखानी थाने में मुकदमा दर्ज कराया। आरोप लगाया कि कोचिंग संचालक सुमित शर्मा ने उससे भी दस लाख रुपये लिए थे। बताया कि संचालक ने अभिभावकों और कर्मचारियों से करोड़ों रुपये हड़पे है।
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इस मामले में एसओजी प्रभारी निरीक्षक अबुल कलाम ने जांच की तो पता चला कि सुमित अलीगढ़ का मूल निवासी है। उसका भाई बरेली में रहता है। सुमित ने हल्द्वानी के लोगों को अपना असली नाम नहीं बताया था। पुलिस को अलीगढ़ में पूछताछ से पता चला कि सुमित शर्मा का असली नाम गणेश वार्ष्णेय है। हल्द्वानी में बनाए गए उसके कागजात फर्जी हैं। पुलिस ने इस मामले में अदालत में प्रार्थनापत्र दिया। अदालत ने अभियुक्त का मकान कुर्क करने का आदेश दिया। पुलिस ने गणेश उर्फ सुमित का बद्रीपुरा स्थित मकान की कुर्की किया। इसके बावजूद वह सामने नहीं आया।
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पुलिस की जांच से पता चला कि आरोपी की लोकेशन नेपाल के काठमांडू में मिली है, जहां वहां काफी दिनों से है। पुलिस का मानना है कि गणेश उर्फ सुमित के बारे में उसके भाई को पता नहीं है। पुलिस आरोपी के भाई को भी इस मुकदमे में आरोपी बना सकती है।