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विधायक निधि के कामों के नहीं डालने दिए टेंडर, हंगामा
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हल्द्वानी। विधायक निधि से बनने वाली सड़कों के लिए पूर्व में निकाले गए टेंडरों में घोटाला सामने आने के बाद टेंडर प्रक्रिया दोबारा की गई है लेकिन इसमें भी खेल कर दिया गया। आरोप है कि 10 से 15 ठेकेदारों के टेंडर पड़ने ही नहीं दिए गए। समय से पहले ही टेंडर पेटी को सील करके कमरे में ताला लगा दिया गया। काफी देर तक हुए हंगामे के बाद भी अधिकारी चुप्पी साधे रहे।
कुछ दिन पहले सड़क निर्माण के लिए लोनिवि ने स्थानीय स्तर पर टेंडर न निकाल कर दूसरे राज्यों में विज्ञप्ति प्रकाशित कराई थी। मामले का खुलासा हुआ तो जांच बैठी। नतीजा यह हुआ कि पुराने टेंडरों को निरस्त कर दोबारा निकाले गए। इस बार भी पुराने ठेकेदारों और उनके साथियों की मनमानी चली। जिन टेंडर आवेदन फार्म को हल्द्वानी, रुद्रपुर और रामनगर भेजा जाना था, वे फार्म केवल हल्द्वानी में ही उपलब्ध कराए गए।
आरोप है कि शुक्रवार को जब ठेकेदार टेंडर डालने पहुंचे तो वहां पहले से मौजूद कुछ ठेकेदारों और उनके साथियों ने करीब दस से पंद्रह ठेकेदारों को टेंडर ही नहीं डालने दिए। यह भी आरोप है कि कई ठेकेदारों को धमकाकर उनसे टेंडर ही छीन लिए गए। बताते हैं कि टेंडर डालने का समय दोपहर तीन बजे तक का था लेकिन तीन बजे से पहले ही विभागीय कर्मचारी पर पेटी सील करने का दबाव बनने लगा और जब उसने मना किया तो खुद ही हाथों की चेन बनाकर पेटी को घेर लिया और तीन बजे से पहले ही कमरे में बंद कर ताला डाल दिया। इससे गुस्साए ठेकेदारों ने विभागीय अधिकारियों से शिकायत भी लेकिन वे भी मूकदर्शक बने रहे। हंगामे का पूरा प्रकरण कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हो गया है।
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कुछ ठेकेदारों ने हंगामा किया था जिसकी सीसीटीवी रिकॉर्डिंग भी है। हालांकि किसी ठेकेदार की ओर से लिखित शिकायत नहीं दी गई है। शिकायत मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- अशोक चौधरी, ईई, पीडब्ल्यूडी, हल्द्वानी
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कुछ दिन पहले सड़क निर्माण के लिए लोनिवि ने स्थानीय स्तर पर टेंडर न निकाल कर दूसरे राज्यों में विज्ञप्ति प्रकाशित कराई थी। मामले का खुलासा हुआ तो जांच बैठी। नतीजा यह हुआ कि पुराने टेंडरों को निरस्त कर दोबारा निकाले गए। इस बार भी पुराने ठेकेदारों और उनके साथियों की मनमानी चली। जिन टेंडर आवेदन फार्म को हल्द्वानी, रुद्रपुर और रामनगर भेजा जाना था, वे फार्म केवल हल्द्वानी में ही उपलब्ध कराए गए।
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आरोप है कि शुक्रवार को जब ठेकेदार टेंडर डालने पहुंचे तो वहां पहले से मौजूद कुछ ठेकेदारों और उनके साथियों ने करीब दस से पंद्रह ठेकेदारों को टेंडर ही नहीं डालने दिए। यह भी आरोप है कि कई ठेकेदारों को धमकाकर उनसे टेंडर ही छीन लिए गए। बताते हैं कि टेंडर डालने का समय दोपहर तीन बजे तक का था लेकिन तीन बजे से पहले ही विभागीय कर्मचारी पर पेटी सील करने का दबाव बनने लगा और जब उसने मना किया तो खुद ही हाथों की चेन बनाकर पेटी को घेर लिया और तीन बजे से पहले ही कमरे में बंद कर ताला डाल दिया। इससे गुस्साए ठेकेदारों ने विभागीय अधिकारियों से शिकायत भी लेकिन वे भी मूकदर्शक बने रहे। हंगामे का पूरा प्रकरण कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हो गया है।
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कुछ ठेकेदारों ने हंगामा किया था जिसकी सीसीटीवी रिकॉर्डिंग भी है। हालांकि किसी ठेकेदार की ओर से लिखित शिकायत नहीं दी गई है। शिकायत मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- अशोक चौधरी, ईई, पीडब्ल्यूडी, हल्द्वानी