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Nainital News: शिक्षक दिवस... झोपड़ी से संवर रहा बचपन... बच्चों के सपनों को लग रहे पंख

Sat, 05 Sep 2026 12:01 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Updated Sat, 05 Sep 2026 12:01 AM IST
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Teachers' Day... Childhood being nurtured in a humble hut... Children's dreams taking flight.
रामनगर। शिक्षक दिवस के अवसर पर जब समाज को दिशा देने वाले गुरुजनों की चर्चा होती है, तो राजकीय इंटर कॉलेज ढेला में अंग्रेजी के प्रवक्ता नवेंदु मठपाल का समर्पण प्रेरणा बनकर उभरता है।
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नवेंदु पिछले छह वर्षों से कोसी नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में रेता खनन करने वाले श्रमिकों और निर्धन परिवारों के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की अनूठी मुहिम चला रहे हैं। रचनात्मक शिक्षक मंडल के बैनर तले और जनसहयोग से वह तीन सायंकालीन स्कूल संचालित कर रहे हैं जहां वर्तमान में 400 से अधिक बच्चे अपने सुनहरे भविष्य की नींव रख रहे हैं।
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सांवल्दे में कोसी नदी की बाढ़ के बाद पड़ी नींव
इस बदलाव की नींव अक्तूबर 2020 में आई भीषण कोसी बाढ़ के बाद पड़ी। आपदा के प्रभाव को देखते हुए 26 नवंबर 2020 को संविधान दिवस पर पुछड़ी क्षेत्र में एक झोपड़ी से ‘ज्योतिबा फुले सायंकालीन स्कूल’ शुरू किया गया। यह उन बच्चों का सहारा बना जो दिनभर मजदूरी करते थे या कूड़ा बीनने के लिए विवश थे। इसके बाद जनवरी 2021 में कॉर्बेट पार्क से लगे पटरानी गांव में ‘सावित्रीबाई फुले सायंकालीन स्कूल’ और बालिकाओं के लिए कंप्यूटर केंद्र स्थापित किया गया। इस प्रयास का बड़ा असर दिखा जब वर्ष 2021 में ही 200 से अधिक बच्चों ने औपचारिक सरकारी स्कूलों में प्रवेश लिया।
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बुक्सा जनजाति के बच्चों के लिए जीवनभर की पूंजी लगा दी
मठपाल का समर्पण यहीं नहीं रुका। उन्होंने वर्ष 2025 में बुक्सा जनजाति के बच्चों की शिक्षा के लिए अपनी जीवनभर की 25 लाख रुपये की जमा पूंजी लगाकर सांवल्दे पश्चिम में जमीन खरीदी और एक नया स्कूल खोला। आज वहां 100 से अधिक जनजातीय बच्चे पढ़ रहे हैं। नवेंदु का मानना है कि शिक्षक की भूमिका सिर्फ कक्षा तक सीमित नहीं है। समाज के अंतिम पायदान पर खड़े बच्चों तक पहुंचकर ही वास्तविक बदलाव लाया जा सकता है। झोपड़ी से शुरू हुई यह पहल आज सैकड़ों बच्चों के सपनों को पंख दे रही है।


शिक्षक समाज और राष्ट्र के शिल्पकार
कालाढूंगी। पूर्व राष्ट्रपति व महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती (शिक्षक दिवस) पर भाजपा नेता मनोज पाठक की ओर से कालाढूंगी के शिक्षकों के लिए शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में रमेश मठपाल, नीतू मठपाल, खष्टी बल्लभ जोशी, कुंदन, डोली तिवारी, सुनीता गिनती और भारती नेगी समेत क्षेत्र के कई अध्यापकों को सम्मानित किया गया। मनोज पाठक ने कहा कि शिक्षक समाज व राष्ट्र के सच्चे शिल्पकार हैं। वे छात्रों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि उनमें संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम की भावना जगाकर आने वाली पीढ़ियों का भविष्य संवारते हैं।
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