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16 तक जनता से लें आपत्तियां, इसके बाद करें कार्रवाई
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नैनीताल। हाईकोर्ट ने श्रीनगर नगर पालिका को नगर निगम बनाए जाने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के बाद आपत्तियां दर्ज करने का समय बढ़ा दिया है। हाईकोर्ट ने कहा है कि 16 नवंबर तक जनता से आपत्तियां लेने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाए।
न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार अक्षय उनियाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि सरकार ने 28 अक्तूबर को अधिसूचना जारी कर नगर पालिका श्रीनगर को नगर निगम बनाने के लिए आपत्तियां मांगीं थीं जिसका 30 अक्तूबर को विज्ञापन जारी किया गया, जिसमें एक सप्ताह के भीतर लोगों से आपत्तियां दर्ज करने के लिए कहा गया। सरकार के इस निर्णय को याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि जो समय आपत्तियां दर्ज करने के लिए सरकार ने दिया है, उसमें 31 को रविवार और उसके बाद लगातार सरकारी छुट्टियां रहीं हैं। याचिकाकर्ता का कहना था कि सरकार ने जान बूझकर कम समय में आपत्तियां मांगीं ताकि लोग अपनी आपत्तियां दर्ज ही न करा सकें। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने मंगलवार (16 दिसंबर) तक आपत्तिया दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
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न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार अक्षय उनियाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि सरकार ने 28 अक्तूबर को अधिसूचना जारी कर नगर पालिका श्रीनगर को नगर निगम बनाने के लिए आपत्तियां मांगीं थीं जिसका 30 अक्तूबर को विज्ञापन जारी किया गया, जिसमें एक सप्ताह के भीतर लोगों से आपत्तियां दर्ज करने के लिए कहा गया। सरकार के इस निर्णय को याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि जो समय आपत्तियां दर्ज करने के लिए सरकार ने दिया है, उसमें 31 को रविवार और उसके बाद लगातार सरकारी छुट्टियां रहीं हैं। याचिकाकर्ता का कहना था कि सरकार ने जान बूझकर कम समय में आपत्तियां मांगीं ताकि लोग अपनी आपत्तियां दर्ज ही न करा सकें। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने मंगलवार (16 दिसंबर) तक आपत्तिया दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
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