फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Surai will be connected to the Crocodile Trail through a bridge in haldwani

Haldwani: क्रोकोडाइल ट्रेल को सुरई से जोड़ेगा पुल, कॉर्बेट की तर्ज पर मिलेगी सुविधा; टाइगर का होगा दीदार

Thu, 20 Feb 2025 10:20 AM IST
हीरा मेहरा राघवेन्द्र शुक्ला, अमर उजाला
राघवेन्द्र शुक्ला, अमर उजाला Published by: हीरा मेहरा Updated Thu, 20 Feb 2025 10:20 AM IST
सार

सुरई जोन को और बेहतर सुविधाओं के साथ विकसित करने की तैयारी में है। सीएम धामी का ड्रीम प्रोजेक्ट सुरई, अब एक पुल के जरिए क्रोकोडाइल ट्रेल से जुड़ जाएगा। फाटो-कार्बेट की तर्ज पर यहां जिप्सी भी दो से ज्यादा बढेगी।

विज्ञापन
Surai will be connected to the Crocodile Trail through a bridge in haldwani
TIGER

विस्तार

 

विज्ञापन

तराई पूर्वी वन प्रभाग, सुरई जोन को और बेहतर सुविधाओं के साथ विकसित करने की तैयारी में है। सीएम धामी का ड्रीम प्रोजेक्ट सुरई, अब एक पुल के जरिए क्रोकोडाइल ट्रेल से जुड़ जाएगा। फाटो-कार्बेट की तर्ज पर यहां जिप्सी भी दो से ज्यादा बढेगी। दस के करीब रिसोर्ट भी तैयार होंगे। पर्यटक की आवाजाही से सालाना 1.5 से 2 करोड़ की आय का अनुमान है। पूरा प्रोजेक्ट तैयार है। सात से आठ दिन में इसे मंजूरी के लिए शासन को भेजा जाना है। पहले चरण में 50 लाख की डिमांड की जानी है।

 

सुरई जोन तराई पूर्वी वन प्रभाग का बड़ा हिस्सा है। 180 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्रफल है। बाघ सहित स्तनधारियों की लगभग 125 प्रजाति है। पक्षी की 150 से ज्यादा हैं और सरीसृपों की भी 20 प्रजाति हैं। 18 दिसंबर 21 को इसका उद्धाटन सीएम ने किया था। सुरम्य क्षेत्र, घास का मैदान, प्राचीन शारदा नहर और खूबसूरत तालाबों को अपने भीतर समेटे सुरई जोन की बेहतरी को फिर कदम बढ़े हैं। वर्तमान में यहां दो जिप्सी हैं जबकि रूकने को दो कमरे। नतीजतन पर्यटकों की आवाजाही भी कम है। उधर तमाम पर्यटक ऐसे भी हैं जो कार्बेट, फाटो से अलग नई जगह चुनना चाहते हैं। उनके लिए सुरई बेहतर विकल्प बन सकता है। नए प्रस्ताव में यहां जिप्सी की संख्या दो से बढ़ाकर 10 जबकि दस नए रिसोर्ट भी तैयार होने हैं।

विज्ञापन


पुल के जरिए क्रोकोडाइल ट्रेल से सुरई जल्द ही जुड़़ने वाला है। यह यर्यटक की आवाजाही बढ़ाएगा। क्योंकि सुरई से ही उन्हें क्राकोडाइल ट्रेल का भी दीदार होगा। प्रवेश के लिए खटीमा में एक प्रवेश द्वार है। प्रोजेक्ट में दूसरी इंट्री कांकड़ा से भी होगी। चूंकि टाइगर की डेंसिटी भी सबसे ज्यादा है। ऐसे में बाघ को आसानी से यहां देखा भी जा सकेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

यह है इसकी सीमा

- पूर्व में शारदा सागर डैम

- पश्चिम में खटीमा नगर

- उत्तर में मेलाघाट रोड

- दक्षिण में पीलीभीत टाइगर रिजर्व क्षेत्र

ये जानवर दिखेंगे (पर्यटक दुर्लभ वन्य जीवों का आनंद उठा सकते हैं)

- रॉयल बंगाल टाइगर

- भालू

- चीतल

- सांभर

- काकड़

- कोरल स्नेक

- पांडा

- मगरमच्छ की प्रजाति मार्श

सीएम यंग ईको प्रिन्योर स्कीम के तहत विकास
सुरई इकोटूरिज्म जोन के जरिए रोजगार भी बढ़ेगा। सीएम यंग ईको प्रिन्योर स्कीम के अंतर्गत नेचर गाइड, ड्रोन पायलट, वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर, ईकोटूरिज़्म, वन्यजीव टूरिज्म पर आधारित कौशल को उद्यम में बदला जाना है। समृद्ध जैव विविधता है ऐसे में पर्यटकों का आकर्षण ज्यादा होगा।

प्रस्ताव तैयार है। अगले सप्ताह इसे शासन को भेजेंगे। शुरुआत में 50 लाख की डिमांड है। प्रोजेक्ट पूरा होने पर यहां से 1.5 से 2 करोड़ तक की आय हो सकती है। जिप्सी बढेगी और आवास भी निर्मित होंगे। जल्द ही सुरई, क्रोकोडाइल ट्रेल से सीधे जुड़ेगा। पीलीभीत के पर्यटक भी यहां आएंगे। -हिमांशु बागरी प्रभागीय वनाधिकारी तराई पूर्वी
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed