बुढ़ापे में इश्क और शादी: फिर जिम्मेदारियों से टूटा रिश्ता, महिला सेल पहुंच रहे मामले; हर माह 12-20 शिकायतें
बुजुर्गों की दूसरी पारी के इश्क और शादी में जिम्मेदारियों-अपेक्षाओं से रिश्तों में दरार पड़ रही है, जिसके चलते महिला सेल में हर माह 12-20 मामले आ रहे हैं।
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उम्र की जिस दहलीज पर जिंदगी सुकून और सहारे की तलाश करती है, वहीं कुछ बुजुर्गों ने दूसरी पारी में दिल खोलकर इश्क लुटाया। किसी ने हमसफर की चाह में शादी की तो किसी का दिल फिर किसी पर आ गया लेकिन प्रेम की इस दूसरी पारी में जब भावनाओं के साथ जिम्मेदारियों और अपेक्षाओं का हिसाब जुड़ा तो रिश्तों में दरार पड़ने लगी। अब यही शिकवे और शिकायतें महिला सेल की काउंसलिंग टेबल तक पहुंच रही हैं। हर माह करीब 12 से 20 ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जिनमें बुजुर्गों के प्रेम, शादी और उसके बाद उपजे विवाद शामिल हैं।
केस 01
सरकारी विभाग से सेवानिवृत्त 65 वर्षीय अधिकारी के चार बेटे हैं और बड़े बेटे की शादी हो चुकी है। पत्नी के निधन के बाद करीब एक साल पूर्व ही उन्होंने अपने से 15 साल छोटी महिला से शादी की। कुछ समय सब ठीक रहा लेकिन फिर दंपती के बीच झगड़े होने लगे। काउंसलिंग में बुजुर्ग ने बताया कि उन्होंने बुढ़ापे के सहारे के लिए शादी की लेकिन पत्नी सेवा नहीं करती। दूसरे पक्ष का कहना है कि बुजुर्ग उन्हें इलाज तक के लिए खर्च नहीं देते।
केस 02
60 वर्षीय सैन्य कर्मी वर्तमान में निजी सुरक्षा कंपनी में कार्यरत हैं। जानकारी के अनुसार कार्यस्थल पर ही उनका एक महिला कर्मचारी से उनका प्रेम-प्रसंग शुरू हो गया। जब यह बात उनकी पत्नी को पता चली तो मामला महिला सेल पहुंच गया। अब पूर्व सैन्य कर्मी का कहना है कि पत्नी को इन छोटी-मोटी बातों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। ऐसे में वह एक-दूसरे के साथ नहीं रह पाएंगे। गौर करने वाली बात है कि बुजुर्ग का प्रेम प्रसंग अब भी जारी है।
केस 03
एक महिला की शिकायत पर महिला सेल ने हल्द्वानी निवासी कारोबारी को काउंसलिंग के लिए बुलाया। कारोबारी के मुताबिक, पत्नी के इलाज के लिए बाहर जाने के दौरान पड़ोसन से नजदीकियां बढ़ीं और दोनों में प्रेम-प्रसंग शुरू हो गया। कारोबारी ने मंदिर के बाहर उसकी मांग भी भर दी। पत्नी को इसकी जानकारी हुई तो विवाद शुरू हो गया। वहीं, प्रेमिका ने कारोबारी पर खर्च न देने का आरोप लगाया है। मामला काउंसलिंग में है।
बुजुर्ग दंपतियों के विवाद और प्रेम-प्रसंग के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। छोटी-छोटी बातों को लेकर झगड़ा होता है। प्रत्येक माह करीब 12-20 मामले आ रहे हैं। सभी में काउंसलिंग की जा रही है। सुनीता कंवर, महिला सेल प्रभारी