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सबसे बड़ी दूरबीन से अध्ययन के बाद बदलेगी ब्रह्मांड की परिभाषा
Fri, 18 Oct 2019 12:33 AM IST
Mohit Mudgal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
Published by: Mohit Mudgal
Updated Fri, 18 Oct 2019 12:33 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : फाइल फोटो
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विश्व की सबसे बड़ी थर्टी मीटर टेलीस्कोप (टीएमटी) से अध्ययन के बाद ब्रह्मांड की परिभाषा भी बदल सकती है। वैज्ञानिकों की कई अनसुलझी जिज्ञासाएं तो सुलझेंगी ही साथ ही तारों, पिंडों, क्षुद्र ग्रहों की खोज और उनकी आंतरिक हलचल के बारे में भी आसानी से पता चल पाएगा।
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इसका सबसे अधिक लाभ ब्रह्मांड के शोधार्थियों और वैज्ञानिकों को मिलेगा। ये बातें आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) की ओर से थर्टी मीटर टेलीस्कोप को लेकर आयोजित तीन दिनी संगोष्ठी में वैज्ञानिकों ने कही। संगोष्ठी में देशभर के 17 संस्थानों के 110 वैज्ञानिक हिस्सा ले रहे हैं।
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थर्टी मीटर टेलीस्कोप पांच देशों कनाडा, चीन, अमेरिका, जापान और भारत का संयुक्त उपक्रम है। अमेरिका के हवाई द्वीप में इसे स्थापित करने की कवायद है। विकल्प के रूप में स्पेन स्थित लापामा द्वीप को चुना गया है। इस परियोजना में भारत की 10 प्रतिशत सहभागिता है।
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नैनीताल स्थित एरीज भी इस टेलीस्कोप को बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है। इसके निर्माण की कार्ययोजना बनाने के उद्देश्य से एरीज की ओर से मल्लीताल स्थित आरएस टोलिया उत्तराखंड प्रशासनिक अकादमी में बृहस्पतिवार को संगोष्ठी का शुभारंभ किया गया। इस दौरान वैज्ञानिकों ने परियोजना में प्रयोग किए जाने वाले उपकरणों और सॉफ्टवेयरों को लेकर विचार-विमर्श किया।
टीएमटी के एसोसिएट प्रोग्राम डायरेक्टर डॉ. रामा प्रकाश ने बताया कि लगभग 70 से 80 फीसदी शोधकार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2030 तक यह टेलीस्कोप कार्य करना शुरू कर देगा। उन्होंने दावा किया है कि नई तकनीकी से लैस टीएमटी ब्रह्मांड की सबसे सटीक जानकारी देने वाली दूरबीन होगी।
भारतीय वैज्ञानिकों को दूरबीन पर काम करने को मिलेंगी 20 रातें
टीएमटी परियोजना की एडवाइजरी अध्यक्ष शिवरानी ने बताया कि भारतीय वैज्ञानिकों को इस दूरबीन में करीब 20 रात काम करने को मिलेगा। इस दौरान ब्रह्मांड की कई खोजें सामने आएंगी। वर्तमान की सबसे बड़ी 10 मीटर व्यास की दूरबीन पर शोध के लिए भारतीय वैज्ञानिकों को केवल एक रात का समय मिलता है।
वर्तमान दूरबीन से तीन गुना बड़ी होगी टीएमटी
टीएमटी एसोसिएट प्रोग्राम निदेशक डॉ. रामा प्रकाश ने बताया कि फिलहाल अमेरिका में 10 मीटर व्यास की दो सबसे बड़ी दूरबीन स्थापित हैं। टीएमटी इससे तीन गुना बड़ी होगी। इसके अलावा यूरोप में आठ मीटर की चार दूरबीनें स्थापित हैं।