Students Protest: छात्रसंघ चुनाव के लिए एमबीपीजी कॉलेज में फिर छत पर चढ़े छात्र, उग्र आंदोलन की चेतावनी दी
छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग को लेकर छात्रनेताओं ने सोमवार को जमकर हंगामा किया। उन्होंने महाविद्यालय के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर दी।
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छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग को लेकर छात्रनेताओं ने सोमवार को जमकर हंगामा किया। उन्होंने महाविद्यालय के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर दी। इसके बाद वे फिर कॉलेज भवन की छत पर चढ़ गए। हंगामे के कारण दिनभर शिक्षण कार्य प्रभावित रहा। छात्रनेताओं ने शीघ्र मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए कॉलेज में भारी पुलिस बल तैनात रहा।
सोमवार को दीपावली के अवकाश के बाद महाविद्यालय खुला लेकिन हंगाम के कारण पढ़ाई नहीं हुई। छात्रसंघ चुनाव को लेकर छात्रों ने मुख्य गेट पर तालाबंदी कर महाविद्यालय में रैली निकाली। कहा, छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग को लेकर छात्र पिछले नौ दिनों से महाविद्यालय में आंदोलन कर रहे हैं। इसके बाद भी उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। कहा कि सरकार चुनाव न कराकर छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। दोपहर करीब डेढ़ बजे चार से पांच छात्र कॉलेज के लालबाहदुर शास्त्री भवन की छत पर चढ़ गए। छात्रों के छत पर चढ़ने के बाद महाविद्यालय प्रशासन के हाथ-पैर फूल गए। करीब डेढ़ घंटे छत पर प्रदर्शन के बाद छात्रनेता खुद नीचे उतर गए। इसके बाद छात्र प्राचार्य से मिलने उनके कक्ष में पहुंचे। यहां पुलिस ने छात्रनेताओं को रोक दिया। छात्रों के आक्रोश के बाद उन्हें मिलने दिया। छात्रों ने कहा कि अगर सरकार चुनाव नहीं कराएगी तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। छात्रों ने प्राचार्य के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजकर परीक्षा की तिथि में भी बदलाव करने की मांग की है।
छात्रों के खिलाफ दी तहरीर
एमबीपीजी कॉलेज प्रशासन ने छात्रनेताओं के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है। पुलिस को दी तहरीर में कहा कि छात्रनेता रक्षित सिंह बिष्ट, हर्ष शर्मा, ज्योति दानू, उमाशंकर तिवारी ने लाल बहादुर शास्त्री भवन के मुख्य द्वार पर लगे ताले को तोड़कर छत पर चढ़ गए और महाविद्यालय की शांति व्यवस्था को भंग कर दिया है। उन्होंने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। कोतवाल राजेश यादव का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कर्मचारियों ने किया कार्य बहिष्कार
एमबीपीजी महाविद्यालय में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के ऊपर आरोप लगने के बाद मिनीस्टीरियल कर्मचारी हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने कहा कि एक छात्रनेता ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सुरेंद्र सिंह रौतेला पर झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि को धूमिल किया गया है। कर्मचारियों ने इस संबंध में प्राचार्य को पत्र भी दिया। प्राचार्य ने छात्रनेता और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी को बुलाकर विवाद को सुलझा दिया है। छात्रनेता के माफीनामे के बाद विवाद सुलझ गया।