{"_id":"226ad53e6578dba9787bcfb4536bd9c1","slug":"strict-laws-to-prevent-arbitrary-government-public-school-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पब्लिक स्कूल की मनमानी रोकने को सरकार सख्त कानून बनाए ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पब्लिक स्कूल की मनमानी रोकने को सरकार सख्त कानून बनाए
ब्यूरो/अमर उजाला,हल्द्वानी
Updated Sat, 11 Apr 2015 01:58 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने पब्लिक स्कूलों की मनमानी के मुद्दे पर शुक्रवार को बुलाई बैठक में सामाजिक एवं शिक्षाविदों ने एक स्वर में इस मनमानी पर रोक लगाने के लिए प्रदेश स्तर पर एक्ट या कानून बनाने की मांग की। उन्होंने कहा शिक्षा के नाम पर लूट खसोट बंद होनी चाहिए।
विज्ञापन
विद्यार्थी परिषद के कार्यालय पर सायं चार बजे शुरू हुई बैठक में परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष बलराम प्रसाद ने कहा कि यह व्यवस्था में बदलाव के लिए लड़ाई है जिसमें सभी अभिभावकों को भी साथ आना होगा। उन्होंने कहा कि अनियमित शुल्क वृद्धि एवं विभिन्न मदों में लिए जा रहे शुल्क से अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। पुस्तकों व ड्रेस जूते आदि भी फिक्स दुकानें तय कर अभिभावकों पर बोझ बढ़ाया जा रहा है। प्रदेश सह संगठनमंत्री बृजेश बनकोटी ने कहा कि पब्लिक स्कूलों की मनमानी के खिलाफ विद्यार्थी परिषद का आंदोलन जारी रहेगा। सरकार की लापरवाही के कारण पब्लिक स्कूल बेलगाम हो गए हैं। प्रदेश सहमंत्री चंद्र प्रकाश तिवारी ने कहा कि इस मुद्दे पर जिला शिक्षा अधिकारी और जिलाधिकारी को भी अवगत कराया जाएगा तथा मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा। बैठक में अभिनव भारत संस्था के कौस्तुभा नंद जोशी, राज्य आंदोलनकारी विजय भट्ट, मनोज, मजदूर मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश हर्बोला, नगर अध्यक्ष चंदन बिष्ट, भाजपा के जिला महामंत्री प्रकाश रात, तरुण बंसल, पूर्व छात्रसंघ दीपक सनवाल, पार्षद महेंद्र नागर, राहुल झिगरन, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष विकास भगत, मुकेश कुमार ने विचार रखे। उन्होंने पब्लिक स्कूलों में एनसीआरईटी की पुस्तकें लागू करने, ओवरलोड बसों के खिलाफ कार्रवाई करने, विद्यालयों से भवन कर समेत दूसरे टैक्स वसूले जाने की मांग की। अध्यक्षता नगर अध्यक्ष विरेंद्र शाही एवं संचालन विभाग के सहसंयोजक चंद्रशेखर जोशी ने किया। इस दौरान कार्तिक हर्बोला, शंकर कोरंगा, विभाग संगठनमंत्री दीपक शर्मा, भवानी शंकर, जिला मीडिया प्रभारी दीपक पांडेय, डा. नवल किशोर लोहनी, छात्रसंघ कोषाध्यक्ष गौरव शर्मा, कालेज अध्यक्ष प्रज्ञान भारद्वाज, सौरभ भट्ट, विनोद पांडे, घनश्याम भट्ट, सूरज प्रकाश तिवारी, कन्नू शाह, विकास सिजवाली, गोविंद, कमल शर्मा, गौरव लोहनी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
पब्लिकेशन की रेटलिस्ट पर ही बेच रहे किताबें
बुकसेलर द्वारा किताब की कीमत अधिक वसूलने के मामले में पर्ल्स पब्लिकेशन ने अपनी ओर से सफाई दी है। पब्लिकेशन के प्रतिनिधि जितेंद्र कुमार ने बताया कि कंपनी ने इस साल किताबों के दाम में दस प्रतिशत वृद्धि की है। पिछले साल तक कक्षा तीन की एक्टिविटी की जो किताब 90 रुपए की कीमत की थी वह इस वर्ष 105 रुपए की हो गई है। एफके पब्लिकेशन की ओर से ही बढ़े हुए रेट का अपना स्टीकर किताबों पर नए रेट यानी कि 105 रुपए का लगाया है। इसी के साथ दूसरी किताब जो कि गत वर्ष 180 रुपए कीमत की थी वह अब नए रेट पर 205 रुपए प्रिंट रेट के साथ आई है। इस पब्लिकेशन की किताबें बेच रहे प्रीत बुक स्टोर के संचालक सरदार प्रिंस का कहना है कि जो रेट लिस्ट पर्ल्स पब्लिकेशन की ओर से उन्हें दी गई हैं, उसी रेट लिस्ट के आधार पर बियरशिवा स्कूल के अभिभावकों को किताबें बेची हैं।
विज्ञापन
बता दें कि बृहस्पतिवार को प्रशासन द्वारा बुलाई गइ पब्लिक स्कूलों और विद्यार्थी परिषद की बैठक में हेमंत गोनिया ने आरोप लगाया था कि किताब पर चिट लगाकर अधिक कीमत वसूली जा रही है। इधर, ऐसे में यह सवाल तो उठना लाजिमी है कि क्या वजह है कि पब्लिकेशन हर साल कीमतें बढ़ा रहे हैं।