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मेयर के चुनाव के लिए बनाया गया मोहरा
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी।
Updated Sun, 24 Dec 2017 02:24 AM IST
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मनोज कुमार रौतेला
- फोटो : Amar ujala
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बिठौरिया नंबर एक में सरकारी आंकड़ों के अनुसार 44 प्रतिशत खेती है और 2011 की जनगणना के हिसाब से 12559 आबादी। इस गांव का क्षेत्रफल 289.59 हेक्टेयर है। गांव नगर निगम में शामिल होने के सभी नियमों का पालन करता है।
शनिवार को अमर उजाला की टीम ने गांव का जायजा लिया और लोगों से राय ली। ग्रामीणों का आरोप था कि मेयर के चुनाव को लेकर भाजपा ने दांव खेला है। नगर निगम में शामिल करने से हमें कोई परेशानी नहीं है। आज नहीं तो कल नगर निगम में शामिल होना ही था लेकिन उन्हें सुविधाएं मिलनी चाहिए।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नगर निगम क्षेत्र में 70 फीसदी आबादी को सीवर की सुविधा नहीं मिल रही है। 80 प्रतिशत क्षेत्र से घर-घर से कूड़ा नहीं उठाया जा रहा है। 40 फीसदी आबादी को स्ट्रीट लाइट की सुविधा नहीं मिल रही है। 25 प्रतिशत आबादी के पास सड़कें खराब है। कहा कि पहले निगम को इसके लिए काम करना था। राजनीति के लिए बहुत समय है।
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लोग बोले
नगर निगम को अपने क्षेत्र में सभी सुविधाएं देनी चाहिए। उसके बाद गांव को शामिल किया जाना चाहिए था। ग्रामीणों से राय तो लेनी थी। चुनिंदा लोगों ने अपनी राय उनपर थोप दी।
-प्रेमा जोशी
गांव का विकास जो होना था हो चुका अब तो निगम में शामिल होने कुछ काम नहीं होगा। नेताओं ने अपने निजी फायदे के लिए हमारे गांव को नगर निगम में शामिल कर लिया।
-सनी
नगर निगम में शामिल होने से हमें कोई परेशानी नहीं है। गांव को नगर निगम में जोड़ने से पहले कम से कम गांव में ये सारी सुविधाएं दी जानी चाहिए थी। निगम को तब तक गांव से टैक्स नहीं वसूलना चाहिए, जब तक वह ये सारी सुविधाएं न दे।
-मनोज कुमार रौतेला
सुविधाएं तो गांव में बढेंगी नहीं, हम बेमतलब का कर अदा करेंगे, हल्द्वानी की हालत दिन पर दिन बदतर होती जा रही है निगम पहले उस ओर ध्यान देता तो ठीक था। मुझे तो यह राजनीति से प्रेरित दिखता है।
-मनोज बसोला
अभियान
नगर निगम की सीमा में 36 गांवों को शामिल किया गया है। किन मानकों के आधार पर इन्हें शामिल किया गया, यहां के नागरिक कैसे महसूस कर रहे हैं, नगर निगम की जमीनी हकीकत क्या है। अमर उजाला की टीम रोज गांव दर गांव इन सवालों के जवाब खोजने के साथ ही चुनौतियों और समस्याओं का भी जायजा लेगी।
रविवार को टीम बिठौरिया नंबर दो गांव में रहेगी।
सोमवार को टीम मानपुर पश्चिम गांव में रहेगी।
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शनिवार को अमर उजाला की टीम ने गांव का जायजा लिया और लोगों से राय ली। ग्रामीणों का आरोप था कि मेयर के चुनाव को लेकर भाजपा ने दांव खेला है। नगर निगम में शामिल करने से हमें कोई परेशानी नहीं है। आज नहीं तो कल नगर निगम में शामिल होना ही था लेकिन उन्हें सुविधाएं मिलनी चाहिए।
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ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नगर निगम क्षेत्र में 70 फीसदी आबादी को सीवर की सुविधा नहीं मिल रही है। 80 प्रतिशत क्षेत्र से घर-घर से कूड़ा नहीं उठाया जा रहा है। 40 फीसदी आबादी को स्ट्रीट लाइट की सुविधा नहीं मिल रही है। 25 प्रतिशत आबादी के पास सड़कें खराब है। कहा कि पहले निगम को इसके लिए काम करना था। राजनीति के लिए बहुत समय है।
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लोग बोले
नगर निगम को अपने क्षेत्र में सभी सुविधाएं देनी चाहिए। उसके बाद गांव को शामिल किया जाना चाहिए था। ग्रामीणों से राय तो लेनी थी। चुनिंदा लोगों ने अपनी राय उनपर थोप दी।
-प्रेमा जोशी
गांव का विकास जो होना था हो चुका अब तो निगम में शामिल होने कुछ काम नहीं होगा। नेताओं ने अपने निजी फायदे के लिए हमारे गांव को नगर निगम में शामिल कर लिया।
-सनी
नगर निगम में शामिल होने से हमें कोई परेशानी नहीं है। गांव को नगर निगम में जोड़ने से पहले कम से कम गांव में ये सारी सुविधाएं दी जानी चाहिए थी। निगम को तब तक गांव से टैक्स नहीं वसूलना चाहिए, जब तक वह ये सारी सुविधाएं न दे।
-मनोज कुमार रौतेला
सुविधाएं तो गांव में बढेंगी नहीं, हम बेमतलब का कर अदा करेंगे, हल्द्वानी की हालत दिन पर दिन बदतर होती जा रही है निगम पहले उस ओर ध्यान देता तो ठीक था। मुझे तो यह राजनीति से प्रेरित दिखता है।
-मनोज बसोला
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नगर निगम की सीमा में 36 गांवों को शामिल किया गया है। किन मानकों के आधार पर इन्हें शामिल किया गया, यहां के नागरिक कैसे महसूस कर रहे हैं, नगर निगम की जमीनी हकीकत क्या है। अमर उजाला की टीम रोज गांव दर गांव इन सवालों के जवाब खोजने के साथ ही चुनौतियों और समस्याओं का भी जायजा लेगी।
रविवार को टीम बिठौरिया नंबर दो गांव में रहेगी।
सोमवार को टीम मानपुर पश्चिम गांव में रहेगी।