High Court: पीडब्ल्यूडी व सिंचाई कर्मियों की पेंशन बंद करने के आदेश पर रोक
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने लोक निर्माण व सिंचाई विभाग के नियमित और वर्कचार्ज कर्मचारियों की पेंशन रोकने संबंधी वित्त विभाग के आदेश पर रोक लगा दी है।
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उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने लोक निर्माण विभाग व सिंचाई विभाग के नियमित व वर्कचार्ज कर्मचारियों को पेंशन से बाहर किए जाने के वित्त विभाग के 16 जनवरी के आदेश पर रोक लगा दी है। वित्त विभाग के इस आदेश से 2016 के बाद नियमित हुए कर्मचारियों की पेंशन पर रोक लगा दी थी और जिन कर्मचारियों को पेंशन मिल रही थी उनकी पेंशन भी बंद कर दी गई थी। कोर्ट ने इस संबंध में सरकार को चार सप्ताह के भीतर जबाव दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
बृहस्पतिवार को अवकाशकालीन न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार सेवानिवृत्त कर्मचारी राम सिंह सैनी व अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि 1980 से 2025 तक विभाग में कार्यरत रहे सेवानिवृत्त कर्मियों व उनके मृतक आश्रितों को पेंशन व अन्य देयकों का भुगतान किया जा रहा था लेकिन अब जिसे बंद कर दिया गया है जो गलत है। याचिका में कहा कि 16 जनवरी को वित्त विभाग के कार्यालय से जारी इस आदेश में कहा गया है कि 1 अक्टूबर 2005 के बाद नियमित हुए वर्कचार्ज कर्मचारियों को पेंशन के दायरे से बाहर कर दिया गया। जो कर्मचारी 2021-22 में सेवानिवृत्त हुए थे, उनको पेंशन का लाभ दिया जा रहा था। इन कर्मचारियों को 2018 के सुप्रीम कोर्ट के प्रेम सिंह बनाम उत्तर प्रदेश सरकार के मामले में पारित आदेश में वर्कचार्ज सेवा को जोड़ते हुए उन्हें पेंशन समेत अन्य लाभ दिए जाने को कहा गया था। लेकिन अब शासन की ओर से मनमाना आदेश जारी कर तत्काल प्रभाव से पेंशन बंद कर दी गई और जो कर्मचारी सेवारत हैं उन्हें राष्ट्रीय पेंशन योजना से जोड़ा जाने की बात कही गई है।