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Nainital News: राज्य कर विभाग के कर्मचारियों का दो घंटे कार्य बहिष्कार, प्रदर्शन
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हल्द्वानी। उत्तराखंड राज्य कर मिनीस्टीरियल स्टाफ एसोसिएशन और आशुलिपिक संवर्ग की स्थानीय शाखा ने राज्य कर विभाग में राज्य कर अधिकारी के पदों को खत्म करने अथवा उनमें कटौती करने का विरोध किया है। सोमवार को संगठन से जुड़े पदाधिकारियों और सदस्यों ने दो घंटे का कार्य बहिष्कार कर गौलापार स्थित कार्यालय में प्रदर्शन किया।
राज्य कर प्रांतीय संयुक्त मोर्चा के बैनर तले दिए धरने में शाखाध्यक्ष हर्षित गुणवंत ने कहा कि पूर्व में राज्य कर अधिकारी के 234 पद थे। इसमें 50 प्रतिशत पद सीधी भर्ती और 50 प्रतिशत पद पदोन्नति के माध्यम से भरने की व्यवस्था थी। उन्होंने कहा कि शासन स्तर से राज्य कर अधिकारी के पद खत्म कर देने के बाद मिनीस्टीरियल संवर्ग के कर्मचारियों की अधिकारी पद पर पदोन्नति की उम्मीदें खत्म हो गई हैं। उन्होंने इसे कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया है।वक्ताओं ने कहा कि विभाग में मिनीस्टीरियल कर्मियों को 25 साल की सेवा के बाद पदोन्नति का मौका मिलता है। पदोन्नति मिलने पर वह समूह ख में विशेष सम्मान श्रेणी के राज्य कर अधिकारी पद पर पदोन्नत होते रहे हैं। इसे राजपत्रित श्रेणी का माना जाता है। राज्य कर अधिकारी का पद खत्म करने से मिनीस्टीरियल कर्मी इस सम्मान से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने व्यवस्था को पूर्व की तरह ही बनाने की मांग की। धरना-प्रदर्शन में शाखाध्यक्ष हर्षित गुणवंत शाखा, प्रांतीय उपाध्यक्ष उमेश चंद्र, खुशाल पापड़ा, प्रियंका सिंह, देवश फुलेरिया, कैलाश चंद्र जोशी, प्रमोद भंडारी, हरक सिंह, अमिता सिंह, नरसिंह धामी आदि रहे।
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राज्य कर प्रांतीय संयुक्त मोर्चा के बैनर तले दिए धरने में शाखाध्यक्ष हर्षित गुणवंत ने कहा कि पूर्व में राज्य कर अधिकारी के 234 पद थे। इसमें 50 प्रतिशत पद सीधी भर्ती और 50 प्रतिशत पद पदोन्नति के माध्यम से भरने की व्यवस्था थी। उन्होंने कहा कि शासन स्तर से राज्य कर अधिकारी के पद खत्म कर देने के बाद मिनीस्टीरियल संवर्ग के कर्मचारियों की अधिकारी पद पर पदोन्नति की उम्मीदें खत्म हो गई हैं। उन्होंने इसे कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया है।वक्ताओं ने कहा कि विभाग में मिनीस्टीरियल कर्मियों को 25 साल की सेवा के बाद पदोन्नति का मौका मिलता है। पदोन्नति मिलने पर वह समूह ख में विशेष सम्मान श्रेणी के राज्य कर अधिकारी पद पर पदोन्नत होते रहे हैं। इसे राजपत्रित श्रेणी का माना जाता है। राज्य कर अधिकारी का पद खत्म करने से मिनीस्टीरियल कर्मी इस सम्मान से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने व्यवस्था को पूर्व की तरह ही बनाने की मांग की। धरना-प्रदर्शन में शाखाध्यक्ष हर्षित गुणवंत शाखा, प्रांतीय उपाध्यक्ष उमेश चंद्र, खुशाल पापड़ा, प्रियंका सिंह, देवश फुलेरिया, कैलाश चंद्र जोशी, प्रमोद भंडारी, हरक सिंह, अमिता सिंह, नरसिंह धामी आदि रहे।
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