{"_id":"5dc72f298ebc3e5b586e706e","slug":"state-agitators-uproar-in-nainital-nainital-news-hld363432634","type":"story","status":"publish","title_hn":"नैनीताल में राज्य आंदोलनकारियों का हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नैनीताल में राज्य आंदोलनकारियों का हंगामा
विज्ञापन
नैनीताल में राज्य स्थापना दिवस के मौके पर मंच पर अपनी बात न रखने से बौखलाए राज्य आंदोलनकारी समारो
- फोटो : NAINITAL
नैनीताल। राज्य स्थापना दिवस को लेकर आयोजित कार्यक्रम में उचित सम्मान नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए सरोवर नगरी के राज्य आंदोलनकारियों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान राज्य आंदोलनकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। हंगामे के चलते स्थापना दिवस कार्यक्रम के समापन की घोषणा से पहले ही कार्यक्रम में मौजूद प्रशासनिक अधिकारी अपनी सीटें छोड़कर चले गए। अफसरों के मंच से उतरने के बाद प्रदर्शनकारी मंच पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि वह अगले वर्ष से वह जिला प्रशासन से अलग राज्य स्थापना दिवस मनाएंगे।
राज्य स्थापना दिवस पर जिला प्रशासन की ओर से डीएसए मैदान में कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम समापन की ओर था तभी मौके पर मौजूद कुछ राज्य आंदोलनकारी यह कहते हुए भड़क गए कि अलग राज्य बनने के बाद उन्हें क्या मिला। उन्होंने स्थापना दिवस कार्यक्रम में राज्य आंदोलनकारियों की उपेक्षा करने और उचित सम्मान नहीं देने का भी आरोप लगाया। कहा कि इस कार्यक्रम में अफसर और नेता ही संबोधित करते हैं, आंदोलनकारियों को संबोधन का मौका तक नहीं दिया जाता है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने संचालक के हाथ से माइक छीनने का भी प्रयास किया।
बाद में एडीएम केएस टोलिया, एसडीएम विनोद कुमार पुलिस कर्मियों के साथ मंच पर पहुंचे और उन्होंने किसी तरह स्थिति पर काबू पाया। इस बीच आयुक्त राजीव रौतेला और डीएम सविन बंसल कार्यक्रम के समापन की घोषणा से पहले ही चले गए। उसके बाद प्रदर्शनकारियों ने मुख्य मंच पर कब्जा कर लिया और धरने पर बैठ गए। अधिकारियों के जाने के बाद राज्य आंदोलनकारियों ने एक-एक कर लोगों को संबोधित कर अपनी बातें रखी।
विज्ञापन
विज्ञापन
राज्य स्थापना दिवस पर जिला प्रशासन की ओर से डीएसए मैदान में कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम समापन की ओर था तभी मौके पर मौजूद कुछ राज्य आंदोलनकारी यह कहते हुए भड़क गए कि अलग राज्य बनने के बाद उन्हें क्या मिला। उन्होंने स्थापना दिवस कार्यक्रम में राज्य आंदोलनकारियों की उपेक्षा करने और उचित सम्मान नहीं देने का भी आरोप लगाया। कहा कि इस कार्यक्रम में अफसर और नेता ही संबोधित करते हैं, आंदोलनकारियों को संबोधन का मौका तक नहीं दिया जाता है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने संचालक के हाथ से माइक छीनने का भी प्रयास किया।
विज्ञापन
बाद में एडीएम केएस टोलिया, एसडीएम विनोद कुमार पुलिस कर्मियों के साथ मंच पर पहुंचे और उन्होंने किसी तरह स्थिति पर काबू पाया। इस बीच आयुक्त राजीव रौतेला और डीएम सविन बंसल कार्यक्रम के समापन की घोषणा से पहले ही चले गए। उसके बाद प्रदर्शनकारियों ने मुख्य मंच पर कब्जा कर लिया और धरने पर बैठ गए। अधिकारियों के जाने के बाद राज्य आंदोलनकारियों ने एक-एक कर लोगों को संबोधित कर अपनी बातें रखी।
विज्ञापन