फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Somewhere the building became useless, somewhere waiting for the staff

कहीं भवन हुए बेकार, कहीं स्टाफ का इंतजार

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 04 Jul 2022 11:24 PM IST
विज्ञापन
Somewhere the building became useless, somewhere waiting for the staff
हल्द्वानी स्थित हृदय रोग केंद्र में बेकार पड़ा सामान। संवाद
मर्ज बढ़ता गया ज्यों ज्यों दवा की, जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का कुछ ऐसा ही हाल है। अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी लंबे समय से बनी हुई हैं। महंगी मशीनें तकनीशियनों के अभाव में धूल फांक रही हैं। हल्द्वानी के बेस अस्पताल में आईसीयू शुरू नहीं हो पाया, वहीं हृदय रोग संस्थान बदहाल हो चुका है। मरम्मत न होने पर भवन जर्जर हो गया है। नया बना आयुष अस्पताल भी बजट की कमी के चलते शुरू नहीं हो पा रहा है। इस वजह से मरीजों को बेहतर सुविधाओं के लिए बाहरी राज्यों या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।
विज्ञापन

छह माह से स्टाफ का इंतजार कर रहा आईसीयू
हल्द्वानी। सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल में आईसीयू बने हुए छह माह हो गए हैं, लेकिन आईसीयू के लिए विशेषज्ञ स्टाफ नहीं होने के कारण यह अभी तक नहीं चल पाया। नौ बेड की क्षमता का यह आईसीयू जनवरी में हस्तांतरित हो गया था। बेस अस्पताल शहर के सबसे भीड़-भाड़ वाले अस्पतालों में से एक है। सुशीला तिवारी के बाद सबसे ज्यादा मरीज इसी अस्पताल मेें पहुंचते हैं। यहां कोविड के दौरान आईसीयू (इंटेंसिव केयर यूनिट) और एचडीयू (हाई डिफिसेंसी यूनिट) बनाने की कवायद शुरू हुई। करीब दो साल पहले एचडीयू का संचालन शुरू हो गया था लेकिन आईसीयू शुरू नहीं हो पाया। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक आईसीयू के संचालन के लिए जरूरी स्टाफ के लिए पत्र लिखा जा चुका है। इधर, बेस अस्पताल की सीएमएस डॉ. सविता ह्यांकी ने बताया कि आईसीयू को संचालित करने के लिए स्टॉफ की मांग समय-समय पर महानिदेशालय से की जाती है।
विज्ञापन

आयुष अस्पताल के खुलने की तारीख ही नहीं पता
हल्द्वानी। मिनी स्टेडियम के सामने आयुष अस्पताल को बने हुए एक साल से ज्यादा का समय हो गया है। कोविड की पहली लहर के दौरान कहा जा रहा था कि आयुष अस्पताल का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि इस अस्पताल का संचालन शुरू नहीं हुआ। यहां पांच मंजिला इमारत है जिसमें आयुर्वेदिक, होम्योपैथी, यूनानी और योगा के आधार पर मरीजों का उपचार किया जाएगा। आयुष की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए कुमाऊं में सबसे बड़े आयुष अस्पताल का निर्माण किया गया था। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. एमएस गुंज्याल ने बताया कि जरूरी मुद्दों पर काम चल रहा है। यहां सर्वे भी कराया जा चुका है। शासन से पांच करोड़ रुपये स्वीकृत होने की उम्मीद है। इसके बाद यहां स्टाफ की भर्ती शुरू हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

हृदय रोग संस्थान भी हुआ बदहाल
हल्द्वानी। हृदय रोग संस्थान बदहाली के दौर से गुजर रहा है। हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं होने की वजह से यह संस्थान कामचलाऊ तौर पर इस्तेेमाल किया जा रहा है। यहां कोविड टीकाकरण किया जा रहा है। हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं होने से यह संस्थान बदहाल हो रहा है। यहां मेडिकल से संबंधित सामान बंद डब्बों में रखा है। इस्तेमाल न होने की वजह से पुराने समय के उपकरणों में जंग लगा रहा है। एक कोने में बेड पड़ा है तो रक्तचाप नापने की मशीन धूल फांक रही है। इमारत भी पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। बारिश के दिनों में छत टपकती है। दीवारों पर काई जम चुकी है। अगर यही हाल रहा तो कुछ समय बाद यह इमारत कहीं खंडहर न बन जाए। सीएमओ डॉ. भागीरथी जोशी ने बताया कि स्टाफ की कमी के चलते यहां फिलहाल टीकाकरण किया जा रहा है। स्टाफ हो तो यहां सेवाएं और दी जाएंगी।

हल्द्वानी स्थित हृदय रोग केंद्र की जर्जर इमारत।       संवाद

हल्द्वानी स्थित हृदय रोग केंद्र की जर्जर इमारत। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed