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कुविवि कार्य परिषद की बैठक
ब्यूरो /अमर उजाला, नैनीताल।
Updated Sun, 15 Nov 2015 01:36 AM IST
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यूजीसी रेगुलेशन-2009 के प्रभावी होने के बाद नॉन नैट-सैट क्वालीफाइड 19 प्राध्यापकों की नियुक्ति संबंधी मामला फिलहाल अगले कुछ दिनों के लिए टल गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि शनिवार को कुविवि की कार्यपरिषद ने इस मुद्दे पर कानूनी राय लेने के लिए एक कमेटी गठित कर दी है।
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उक्त कमेटी प्राध्यापकों की नियुक्ति और यूजीसी रेगुलेशन संबंधी दस्तावेजों का अध्ययन कर कानूनी राय लेने के लिए प्रारूप तैयार करेगी। कानूनी राय मिलने के बाद इस मुद्दे को निकट भविष्य में होने वाली कार्यपरिषद की बैठक में रखा जाएगा। तभी इसे कुलाधिपति को भेजा जाएगा।
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यूजीसी रेगुलेशन प्रभावी होने के बाद उच्च शिक्षण संस्थानों में प्राध्यापकों की नियुक्ति के लिए नेट-स्लेट या सेट परीक्षा पास करना जरूरी कर दिया गया था। विभिन्न राज्यों में रेगुलेशन की व्याख्या अलग हुई तो मामला सुप्रीम कोर्ट जा पहुंचा। मार्च 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालयों के फैसले को निरस्त करते हुए यूजीसी के मानदंडों पर मुहर लगा दी थी।
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कुमाऊं विश्वविद्यालय में वर्ष 2010 में नियुक्त 19 प्राध्यापकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों की जांच में पता चला था कि इन प्राध्यापकों ने भी नेट-सेट परीक्षा पास नहीं की है। शिकायत मिलने पर राज्यपाल ने विश्वविद्यालय का जवाब-तलब किया था। शनिवार को हुई कार्यपरिषद की बैठक में यह मामला प्रमुखता से उठा।
कार्यपरिषद की बैठक का हवाला देते हुए कुलपति प्रो. एचएस धामी ने बताया कि प्राध्यापकों की नियुक्ति संबंधी मामले में प्रो. संतोष कुमार, प्रो. बीआर कौशल, भतरौंजखान डिग्री कॉलेज के प्राचार्य पीएस रावत, कार्यपरिषद सदस्य प्रकाश पांडे के नेतृत्व में कमेटी गठित कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि उक्त कमेटी विश्वविद्यालय के दस्तावेजों के साथ कानूनी राय लेगी। कानूनी राय लेने के बाद पुन: इस मुद्दे को कार्यपरिषद की बैठक में रखा जाएगा और उसके बाद रिपोर्ट कुलाधिपति को भेजी जाएगी। प्रो. धामी ने बताया कि कार्यपरिषद ने रविवार को होने वाले दीक्षांत समारोह में बांटी जाने वाली डिग्री, अवार्ड, विजन, मिशन को भी स्वीकृति दे दी है।
कार्य परिषद की बैठक में कुलपति प्रो. एचएस धामी, रजिस्ट्रार प्रो. डीसी पांडे, वित्त अधिकारी डीएस बोनाल समेत प्रो. संतोष कुमार, प्रो, आरसी पथनी, प्रो. बीआर कौशल, प्रो. बीके सिंह, प्रो. शुभा मटियानी, डॉ. जीएस रावत, डॉ. एसके गुर्रानी, डॉ. प्रताप सिंह, डॉ. एमसी पांडे, डॉ. केके पांडे, जीसी बुधानी, प्रकाश चंद्र पांडे, अचिंतवीर सिंह, विधान चौधरी, पीसी पांडे, केसी पांडे आदि मौजूद थे।
कुविवि के हर्मिटेज भवन में कुलपति प्रो. एचएस धामी की अध्यक्षता में हुई कुमाऊं विश्वविद्यालय सीनेट की बैठक में वर्ष 2014-15 के लिए विश्वविद्यालय के बजट समेत कई प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।
सदन को बताया गया कि वर्ष 2014-15 में विश्वविद्यालय को सरकार से 34 करोड़ 97 लाख 16 हजार रुपये मिले थे जबकि विश्वविद्यालय के अपने निजी स्रोतों से कुल 24 करोड़ 60 लाख 30 हजार रुपये की आय हुई थी। इस वित्तीय वर्ष में विश्वविद्यालय का खर्च 56 करोड़ 53 लाख 74 हजार रुपये रहा। बैठक में कई अन्य प्रस्ताव भी पारित किए गए।