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Nainital News: तृतीय लिंग की पहचान और स्वीकार्यता से ही समावेशी होगा समाज
Thu, 28 Aug 2025 02:42 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Thu, 28 Aug 2025 02:42 AM IST
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हल्द्वानी। उत्तराखंड मुक्त विवि के समान अवसर प्रकोष्ठ ने 'थर्ड जेंडर: एक नए विमर्श की खोज' विषय पर बुधवार को विवि सभागार में कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें बतौर मुख्य अतिथि पंजाब विवि की पहली छात्रा धनंजय चौहान ने कहा कि तृतीय लिंग की पहचान एवं उनकी स्वीकार्यता से ही हमारा समाज समावेशी हो सकेगा। हमारे लिए सहानुभूति से अधिक स्वीकार्यता का प्रश्न महत्वपूर्ण है।
अध्यक्षता कर रहे मुक्त विवि के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने कहा कि समाज के बेहतर निर्माण के लिए समावेशी दृष्टि की जरूरत होती है। यूओयू थर्ड जेंडर के प्रगति के लिए प्रतिबद्ध है। थर्ड जेंडर के लिए विश्वविद्यालय के सभी कोर्स में शुल्क की माफी भी है। इस दौरान डॉ. राजेंद्र कैड़ा, प्रो पीडी पंत, डॉ. कुमार मंगलम, डॉ. सीता, डॉ. ममता कुमारी, डॉ. भूपेन सिंह, डॉ. जितेश कुमार, सुनीता भास्कर ने भी विचार रखे।
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अध्यक्षता कर रहे मुक्त विवि के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने कहा कि समाज के बेहतर निर्माण के लिए समावेशी दृष्टि की जरूरत होती है। यूओयू थर्ड जेंडर के प्रगति के लिए प्रतिबद्ध है। थर्ड जेंडर के लिए विश्वविद्यालय के सभी कोर्स में शुल्क की माफी भी है। इस दौरान डॉ. राजेंद्र कैड़ा, प्रो पीडी पंत, डॉ. कुमार मंगलम, डॉ. सीता, डॉ. ममता कुमारी, डॉ. भूपेन सिंह, डॉ. जितेश कुमार, सुनीता भास्कर ने भी विचार रखे।
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