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कहीं बोरा तो कहीं दुम्का का जोर
निशांत खनी
Updated Sat, 11 Feb 2017 01:13 AM IST
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लालकुआं
- फोटो : अमर उजाला
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लालकुआं विधानसभा में बिंदुखत्ता के मतदाताओं ने चुनाव रोचक बना दिया है। पूरी विधानसभा की तरह बिंदुखत्ता इलाके में भी त्रिकोणीय मुकाबला है। कहीं से निर्दलीय हरेंद्र बोरा तो कहीं से भाजपा के नवीन दुम्का जनता की पसंद हैं।
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कार रोड से ऊपर कांग्रेस के हरीश चंद्र दुर्गापाल का दबदबा है। भाकपा (माले) ने भी बिंदुखत्ता में जनाधार बढ़ाया है। शनिवार को रुद्रपुर में होने वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा कई मायनों में अहम होगी।
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इसके बाद ही लालकुआं के साथ नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिले की कई सीटों पर असर पड़ सकता है और समीकरणों में कुछ उलटफेर हो सकता है। लालकुआं विधानसभा में अंतिम मतदाता सूची के बाद मतदाताओं की संख्या बढ़कर 1,12,015 पहुंच चुकी है।
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सर्वाधिक मतदाता बरेली रोड और बिंदुखत्ता में हैं। 2012 के चुनाव की तरह 2017 में भी मुकाबले में कांग्रेस के हरीश चंद्र दुर्गापाल, हरेंद्र बोरा और नवीन दुम्का हैं। फर्क इतना है दुर्गापाल और बोरा की पार्टी और सिंबल के साथ बिंदुखत्ता के चुनावी समीकरण भी बदल गए हैं।
बिंदुखत्ता क्षेत्र में तीनों प्रत्याशियों की मौजूदगी है। तीनों के अपने-अपने मजबूत इलाके हैं। नवीन दुम्का सौम्यता और सादगी से तो हरेंद्र बोरा युवाओं के दम पर चुनाव जीतने की कोशिश में हैं। कांग्रेस के हरीश चंद्र दुर्गापाल क्षेत्र में विकास कार्यों की बदौलत पारी दोहराने की कोशिश में हैं।
त्रिकोणीय मुकाबले में बिंदुखत्ता के मतदाताओं के बीच अमर उजाला की टीम पहुंची। लालकुआं का रेलवे फाटक पार करते ही मकानों और दुकानों से लेकर निजी वाहनों में तीनों प्रत्याशियों के पोस्टर और झंडे छिटपुट छिटपुट नजर आए।
जड़ सेक्टर में बोरा और दुम्का समर्थकों की टीमें घूमते नजर आई। कार रोड में तीनों प्रत्याशियों के साथ भाकपा माले की मौजूदगी भी दिखी। प्रत्याशियों के चुनावी कार्यालय भी इसी रोड पर हैं।
बिंदुखत्ता का एकमात्र बाजार होने से यहां चाय और किराने की दुकानों से लेकर हेयर कटिंग की शॉप में चुनाव की चर्चा थी। हर समर्थक अपने प्रत्याशी को विधायक बनाने में जुटा था।
पुराना खत्ता बिंदुखेड़ा में हर दूसरे तीसरे घर में दुम्का और बोरा समर्थक नजर आए।
किराने की दुकानों में बैठे बुजुर्गों से लेकर आंगन में जानवरों के लिए घासपात में जुटी महिलाएं दुम्का की समर्थक थीं। युवाओं में बोरा को लेकर जुनून था। तिवारी नगर, घोड़ानाला में भी दुमका और बोरा की मौजूदगी थी।
इन जगहों में दुर्गापाल समर्थकों की मौजूदगी गिनती की नजर आई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इन इलाकों में भाजपा का वोट बैंक है, दुर्गापाल ने बतौर विधायक पक्षपात करते हुए इलाकों की उपेक्षा की है।
कार रोड से ट्रॉली लाइन, इंद्रानगर द्वितीय में प्रत्याशी के साथ समर्थक भी बदल गए। यह इलाका हल्दूचौड़, डूंगरपुर तक हरीश चंद्र दुर्गापाल का मजबूत गढ़ है। यहां बोरा और दुम्का का प्रभाव कम मिला।
लालकुआं में भी जनता के बीच तीनों प्रत्याशियों के समर्थकों की मौजूदगी मिली। बिंदुखत्ता में गांव और बिरादरी के हिसाब से मतदाताओं के बंटने से मुकाबला कड़ा हो गया है। भाकपा माले ने भी ग्राफ बढ़ाया है।