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शीशराम ने संपत्ति नीलाम होने पर भी कई परोपकारी कार्य किए
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रामनगर (नैनीताल)। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शीशराम पोखरियाल ने आजादी की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई थी। 1942 में गौलीखाल में साथियों के साथ एक बैठक के बाद सब सरकारी पटवारियों की चौकियों को जला दिया था। इस कारनामे के बाद जब वह हाथ नहीं लगे तो अंग्रेजी हुकूमत ने उनकी संपत्ति को नीलाम कर दिया था।
जिला पौड़ी गढ़वाल के ग्राम बराथ मल्ला पोस्ट ऑफिस किनाथ तल्ला पट्टी गुजडू में साल 1912 में प्रसिद्ध वैद्य इंद्रमणि पोखरियाल के घर में शीशराम पोखरियाल ने जन्म लिया। शीशराम युवावस्था से ही अंग्रेजी हुकूमत के विद्रोही रहे। तत्कालीन अंग्रेज सरकार की ओर से उनके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज किए गए। 1941 में उन्हें गिरफ्तार कर बरेली व लखनऊ जेल में बंद किया गया था। 1947 तक देशव्यापी स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में भाग लिया और आजादी के बाद देश निर्माण के कार्य में जुटे गए।
1960 में रामनगर में बस गए थे स्वतंत्रता सेनानी
आजादी मिलने के बाद स्वतंत्रता सेनानी शीशराम का अधिकतर समय धुमाकोट में बीता लेकिन उन्होंने रामनगर के लक्ष्मीपुर बनिया में जमीन खरीदी और यहीं बस गए। रामनगर में रहते हुए भी उन्होंने कई परोपकारी कार्य किए। जीवन के आखिरी समय में पैर की हड्डी में गंभीर बीमारी होने की वजह से 30 अक्तूबर 1982 को 70 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके दो पुत्र और तीन पुत्रियां हैं।
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आजादी के बाद ये कार्य किए
- 1948 में पौड़ी गढ़वाल जनपद के धुमाकोट बाजार में दीवा इंटर कॉलेज की स्थापना की, जो अब राजकीय इंटर कॉलेज धुमाकोट के नामा जाना जाता है, 1948 से 1960 तक वह कॉलेज के प्रबंधक रहे।
- धुमाकोट में कोषागार, तहसील, स्टेट बैंक की स्थापना में अग्रिम भूमिका निभाते हुए टकोली खाल पेयजल योजना के लिए निरंतर प्रयत्नशील रहकर योजनाएं सफल कर्राइं।
- 1976 में सल्ट महादेव में आदर्श संस्कृत परिषद का गठन कर संस्कृत महाविद्यालय की नींव रखी, जिसके अध्यक्ष स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शीशराम पोखरियाल, मंत्री सुरेश जोशी और प्रबंधक थान सिंह रावत रहे।
- 1976 में ही आईआईटी के लिए भूमि क्रय होना, बिजली आपूर्ति, पानी की प्रबंध योजना के तहत सक्रिय रहकर 1979 में व्यावसायिक कोर्स रेडियो, टीवी मैकेनिक, इलेक्ट्रानिक ट्रेड खुलवाई।
- 1970 से 1980 के मध्य नैनीडांडा ब्लॉक प्रमुख चुने गए। ब्लॉक प्रमुख रहते हुए 1970 से 1975 में कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष पौड़ी गढ़वाल रहे। वह जिला परिषद सदस्य पौड़ी गढ़वाल भी रहे।
रामनगर में उनकी पत्नी के नाम पर है विद्यालय का नाम
साल 15 अगस्त 2018 में राजकीय प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मीपुर बनिया का नाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. शीशराम पोखरियाल की पत्नी सरस्वती देवी के नाम पर रखा गया है। सरस्वती देवी ने अपने पति की मृत्यु के बाद गांव में एक बीघा जमीन दान दी थी। नाम परिवर्तन पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के पुत्र रमेश चंद्र पोखरियाल ने सरकार के इस कार्य की सराहना की है।
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जिला पौड़ी गढ़वाल के ग्राम बराथ मल्ला पोस्ट ऑफिस किनाथ तल्ला पट्टी गुजडू में साल 1912 में प्रसिद्ध वैद्य इंद्रमणि पोखरियाल के घर में शीशराम पोखरियाल ने जन्म लिया। शीशराम युवावस्था से ही अंग्रेजी हुकूमत के विद्रोही रहे। तत्कालीन अंग्रेज सरकार की ओर से उनके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज किए गए। 1941 में उन्हें गिरफ्तार कर बरेली व लखनऊ जेल में बंद किया गया था। 1947 तक देशव्यापी स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में भाग लिया और आजादी के बाद देश निर्माण के कार्य में जुटे गए।
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1960 में रामनगर में बस गए थे स्वतंत्रता सेनानी
आजादी मिलने के बाद स्वतंत्रता सेनानी शीशराम का अधिकतर समय धुमाकोट में बीता लेकिन उन्होंने रामनगर के लक्ष्मीपुर बनिया में जमीन खरीदी और यहीं बस गए। रामनगर में रहते हुए भी उन्होंने कई परोपकारी कार्य किए। जीवन के आखिरी समय में पैर की हड्डी में गंभीर बीमारी होने की वजह से 30 अक्तूबर 1982 को 70 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके दो पुत्र और तीन पुत्रियां हैं।
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आजादी के बाद ये कार्य किए
- 1948 में पौड़ी गढ़वाल जनपद के धुमाकोट बाजार में दीवा इंटर कॉलेज की स्थापना की, जो अब राजकीय इंटर कॉलेज धुमाकोट के नामा जाना जाता है, 1948 से 1960 तक वह कॉलेज के प्रबंधक रहे।
- धुमाकोट में कोषागार, तहसील, स्टेट बैंक की स्थापना में अग्रिम भूमिका निभाते हुए टकोली खाल पेयजल योजना के लिए निरंतर प्रयत्नशील रहकर योजनाएं सफल कर्राइं।
- 1976 में सल्ट महादेव में आदर्श संस्कृत परिषद का गठन कर संस्कृत महाविद्यालय की नींव रखी, जिसके अध्यक्ष स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शीशराम पोखरियाल, मंत्री सुरेश जोशी और प्रबंधक थान सिंह रावत रहे।
- 1976 में ही आईआईटी के लिए भूमि क्रय होना, बिजली आपूर्ति, पानी की प्रबंध योजना के तहत सक्रिय रहकर 1979 में व्यावसायिक कोर्स रेडियो, टीवी मैकेनिक, इलेक्ट्रानिक ट्रेड खुलवाई।
- 1970 से 1980 के मध्य नैनीडांडा ब्लॉक प्रमुख चुने गए। ब्लॉक प्रमुख रहते हुए 1970 से 1975 में कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष पौड़ी गढ़वाल रहे। वह जिला परिषद सदस्य पौड़ी गढ़वाल भी रहे।
रामनगर में उनकी पत्नी के नाम पर है विद्यालय का नाम
साल 15 अगस्त 2018 में राजकीय प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मीपुर बनिया का नाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. शीशराम पोखरियाल की पत्नी सरस्वती देवी के नाम पर रखा गया है। सरस्वती देवी ने अपने पति की मृत्यु के बाद गांव में एक बीघा जमीन दान दी थी। नाम परिवर्तन पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के पुत्र रमेश चंद्र पोखरियाल ने सरकार के इस कार्य की सराहना की है।