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घोटाले में तत्कालीन एसडीएम व चकबंदी अधिकारी भी गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो, नैनीताल।
Updated Fri, 09 Feb 2018 02:24 AM IST
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नैनीताल में एनएच 74 के भूमि मुवावजा घोटाले के आरोपी एसडीएम नंदन सिंह नग्नयाल को पेशी में लाते।
- फोटो : अमर उजाला
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एनएच 74 भूमि मुआवजा घोटाले के दो आरोपी तत्कालीन एसडीएम एनएस नगनियाल और चकबंदी अधिकारी अमर सिंह को एसआईटी ने गुरुवार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। प्रभारी जिला जज की कोर्ट ने दोनों को 16 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अब तक इस चर्चित घोटाले में कुल 17 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है और 11 की जमानत खारिज हो चुकी है। जबकि कोर्ट में 12 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।
एसआईटी पिछले दिनों एनएच 74 भुमि मुआवजा वितरण घोटाले में 15 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। तत्कालीन एसडीएम बाजपुर एनएस नगनियाल और चकबंदी अधिकारी अमर सिंह के खिलाफ जांच जारी थी। दोनों अधिकारियों के खिलाफ एसआईटी सबूत जुटा रही थी। एसआईटी ने गुरुवार को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
शाम को लगभग पौने पांच बजे दोनों को लेकर एसआईटी जिला न्यायालय पहुंची। चकबंदी अधिकारी अमर सिंह बैशाखी के सहारे कोर्ट तक पहुंचे। दोनों आरोपियों को प्रभारी जिला जज के कोर्ट में पेश किया गया। एसआईटी ने कोर्ट को बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ विवेचना जारी है। विवेचना पूरी करने के बाद चार्जशीट कोर्ट में पेश की जाएगी।
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तत्कालीन एसडीएम बाजपुर नगनियाल पर आरोप है कि उन्होंने बाजपुर एसडीएम रहते बैक डेट में कृषक जमीनों को पैसा हड़पने के लिए आकृषक (145) दिखा दिया। जिससे सरकार को राजस्व की भारी हानि हुई। दूसरे आरोपी चकबंदी अधिकारी बाजपुर पर आरोप है कि उन्होंने कृषक जमीनों को आकृषक दिखाने के लिए चकबंदी विभाग के दस्तावेजों में हेराफेरी की।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि कोर्ट ने दोनों आरोिपियों को 16 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। अब तक कुल 17 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है, जो हल्द्वानी और नैनीताल की जेलों में बंद हैं। 211 करोड़ 85 लाख रुपए के घोटाले के सबूत मिल चुके हैं।
-आरोपी को स्ट्रेचर पर भेजा जेल-
आरोपी चकबंदी अधिकारी अमर सिंह की ओर कोर्ट को बताया गया कि जानलेवा दुर्घटना में आरोपी का एक पांव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। आरोपी चलने फिरने में असमर्थ है। आरोपी बमुश्किल कोर्ट में पेश हो पाया। कोर्ट ने पुलिस को निर्देशित किया कि वह आरोपी को व्हील चेयर या स्ट्रेचर पर जेल छोड़ने की व्यवस्था करे।
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एसआईटी पिछले दिनों एनएच 74 भुमि मुआवजा वितरण घोटाले में 15 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। तत्कालीन एसडीएम बाजपुर एनएस नगनियाल और चकबंदी अधिकारी अमर सिंह के खिलाफ जांच जारी थी। दोनों अधिकारियों के खिलाफ एसआईटी सबूत जुटा रही थी। एसआईटी ने गुरुवार को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
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शाम को लगभग पौने पांच बजे दोनों को लेकर एसआईटी जिला न्यायालय पहुंची। चकबंदी अधिकारी अमर सिंह बैशाखी के सहारे कोर्ट तक पहुंचे। दोनों आरोपियों को प्रभारी जिला जज के कोर्ट में पेश किया गया। एसआईटी ने कोर्ट को बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ विवेचना जारी है। विवेचना पूरी करने के बाद चार्जशीट कोर्ट में पेश की जाएगी।
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तत्कालीन एसडीएम बाजपुर नगनियाल पर आरोप है कि उन्होंने बाजपुर एसडीएम रहते बैक डेट में कृषक जमीनों को पैसा हड़पने के लिए आकृषक (145) दिखा दिया। जिससे सरकार को राजस्व की भारी हानि हुई। दूसरे आरोपी चकबंदी अधिकारी बाजपुर पर आरोप है कि उन्होंने कृषक जमीनों को आकृषक दिखाने के लिए चकबंदी विभाग के दस्तावेजों में हेराफेरी की।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि कोर्ट ने दोनों आरोिपियों को 16 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। अब तक कुल 17 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है, जो हल्द्वानी और नैनीताल की जेलों में बंद हैं। 211 करोड़ 85 लाख रुपए के घोटाले के सबूत मिल चुके हैं।
-आरोपी को स्ट्रेचर पर भेजा जेल-
आरोपी चकबंदी अधिकारी अमर सिंह की ओर कोर्ट को बताया गया कि जानलेवा दुर्घटना में आरोपी का एक पांव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। आरोपी चलने फिरने में असमर्थ है। आरोपी बमुश्किल कोर्ट में पेश हो पाया। कोर्ट ने पुलिस को निर्देशित किया कि वह आरोपी को व्हील चेयर या स्ट्रेचर पर जेल छोड़ने की व्यवस्था करे।