फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Runner Gurmeet had to take refuge in High Court for prize money

पुरस्कार राशि के लिए धावक गुरमीत को लेनी पड़ी हाईकोर्ट की शरण

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 05 Apr 2022 08:30 PM IST
विज्ञापन
Runner Gurmeet had to take refuge in High Court for prize money
नैनीताल। बाजपुर निवासी अंतरराष्ट्रीय धावक गुरमीत सिंह कोे पुरस्कार राशि के लिए हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी। हाईकोर्ट के आदेश और तल्ख टिप्पणी के बाद खेल निदेशालय के एक अधिकारी ने मंगलवार को उन्हें हाईकोर्ट के समक्ष खेल नीति के तहत 5.50 लाख रुपये का चेक दिया। इसके बाद कोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया है।
विज्ञापन

इस दौरान कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य सरकार को उन खिलाड़ियों का सम्मान करना चाहिए और सुविधाएं देनी चाहिए, जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। ऐसे खिलाड़ी को पुरस्कार राशि का भुगतान न करना, मनमाना और अन्यायपूर्ण है।
विज्ञापन

न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। बन्नाखेड़ा बाजपुर ऊधमसिंह नगर निवासी गुरमीत सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उत्तराखंड सरकार की खेल नीति-2014 के अनुसार 2016 से उन्हें खेल पुरस्कार की पूर्ण धनराशि का भुगतान नहीं किया गया है। याचिका में कहा गया कि उन्होंने नोमी में 2016 में आयोजित 20 किमी एशियाई वॉकिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक प्राप्त किया था, जबकि 2016 में रोम में आईएएफ वर्ल्ड रेस वॉकिंग प्रतियोगिता में भी उन्होंने प्रतिभाग किया। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने बताया कि 2014 की खेल नीति के अनुसार गुरमीत को खेल पुरस्कार के रूप में स्वर्ण पदक पर 10 लाख व प्रतिभाग पर 1 लाख कुल 11,00,000/- रुपये दिए जाने चाहिए थे, लेकिन उन्हें इस राशि में से केवल 5,50,000 रुपये का ही भुगतान किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पुरस्कार की शेष राशि दिलाने की मांग की थी। कोर्ट ने एक खिलाड़ी को पुरस्कार राशि का भुगतान नहीं करने के मामले को गंभीरता से लिया और संयुक्त निदेशक खेल, उत्तराखंड सरकार को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने के लिए कहा था। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को तुरंत सम्मान राशि का भुगतान न्यायालय में ही करने के निर्देश दिए। कोर्ट के निर्देश का पालन करते हुए संयुक्त खेल निदेशक ने गुरमीत को शेष पुरस्कार राशि का चेक ससम्मान सौंपा और इसी के साथ मामले का निपटारा कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed