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पीआरडी जवानों की भर्ती में धांधली मामले में प्रमुख सचिव व अन्य से जवाब तलब
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नैनीताल। हाईकोर्ट ने ऊधमसिंह नगर जनपद में युवा कल्याण विभाग के अंतर्गत पीआरडी जवानों की भर्ती में धांधली के मामले में प्रमुख सचिव, जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर, युवा कल्याण विभाग के निदेशक, ऊधमसिंह नगर के जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी व क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल के अधिकारी को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। ऊधमसिंह नगर की सामाजिक कार्यकर्ता मिंद्रो ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि ऊधमसिंह नगर जनपद में युवा कल्याण विभाग की ओर से पीआरडी जवानों की भर्ती की गई थी, उसमें फर्जीवाड़ा सामने आया है। याचिका में कहा गया कि जवानों की भर्ती के लिए आवश्यक योग्यता कक्षा आठ पास और आवश्यक उम्र 18 से 45 वर्ष रखी गई थी, लेकिन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत कुछ जानकारी मिली थी। जैसे वर्ष 2005 से पुरुष पीआरडी जवानों की भर्ती नहीं की गई।
वर्ष 2017 में अंतिम बार महिला जवानों की भर्ती की गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि भर्ती में वित्तीय अनियमितता की गई है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से इस मामले की प्रमुख सचिव और ऊधमसिंह नगर जनपद के जिलाधिकारी (डीएम) से विस्तृत जांच कराने की मांग की थी।
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मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। ऊधमसिंह नगर की सामाजिक कार्यकर्ता मिंद्रो ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि ऊधमसिंह नगर जनपद में युवा कल्याण विभाग की ओर से पीआरडी जवानों की भर्ती की गई थी, उसमें फर्जीवाड़ा सामने आया है। याचिका में कहा गया कि जवानों की भर्ती के लिए आवश्यक योग्यता कक्षा आठ पास और आवश्यक उम्र 18 से 45 वर्ष रखी गई थी, लेकिन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत कुछ जानकारी मिली थी। जैसे वर्ष 2005 से पुरुष पीआरडी जवानों की भर्ती नहीं की गई।
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वर्ष 2017 में अंतिम बार महिला जवानों की भर्ती की गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि भर्ती में वित्तीय अनियमितता की गई है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से इस मामले की प्रमुख सचिव और ऊधमसिंह नगर जनपद के जिलाधिकारी (डीएम) से विस्तृत जांच कराने की मांग की थी।
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