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दो सप्ताह में हटाएं काठगोदाम बाइपास से कूड़ा
अमर उजाला ब्यूरो नैनीताल।
Updated Tue, 18 Jul 2017 02:40 AM IST
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हाइकोर्ट ने हल्द्वानी में काठगोदाम बाइपास पर फेंके जा रहे अस्पतालों (मेडिकल वेस्ट) और शहर से निकले कचरे को दो सप्ताह के अंदर नष्ट करने का आदेश दिया है।
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इसके साथ ही कोर्ट ने नगर निगम व सरकार को अस्पतालों से निकले कचरे के निस्तारण से संबंधित नियमों का पालन दो सप्ताह के भीतर कराने को भी कहा है । कोर्ट ने नगर निगम और सरकार से दो सप्ताह में जवाब भी मांगा।
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सोमवार को मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इंदिरा नगर जन विकास समिति ने कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा है कि हल्द्वानी नगर निगम शहर और अस्पतालों से निकले कूड़े को काठगोदाम बाइपास पर फेंक रहा है।
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इस डंपिंग क्षेत्र में रह रहे क्षेत्रवासियों को गंदगी और बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। यह कूड़ा भी वन भूमि में आरक्षित हाथी क्षेत्र में डंप किया जा रहा है। पूर्व में भी कूड़ा निस्तारण और ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए कोर्ट ने विभिन्न जनहित याचिकाओं में आदेश पारित किए थे, लेकिन नगर निगम व सरकार की उदासीनता के कारण आदेशों का पालन नहीं हो पाया।
इस मामले में पूर्व में कोर्ट ने याचिकाकर्ता को कहा था कि वह केंद्र व राज्य वन्य जीव बोर्ड को पार्टी बनाये । खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के बाद नगर निगम हल्द्वानी को निर्देशित किया है कि वे दो सप्ताह के भीतर काठगोदाम बाइपास पर हल्द्वानी शहर का मेडिकल वेस्ट और कूड़े का निस्तारण करे।
कोर्ट ने कहा कि अस्पताल अपने कूड़े का निस्तारण बायो मेडिकल रूल्स के आधार पर करें । इसका पालन कराने के लिए नगर निगम व सरकार को दो सप्ताह का समय दिया है। मामले की सुनवाई दो सप्ताह के बाद होगी।