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Nainital News: अवकाश लेने से पहले पढ़ लें नियम, स्कूलों में पठन-पाठन न हो प्रभावित
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हल्द्वानी। नए साल से अब शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को अवकाश लेने से पहले नियमों को अच्छे पढ़ना आवश्यक होगा। एक साथ कई शिक्षकों के छुट्टी लेने और पाठ्यक्रम पूरा किए बगैर दीर्घ अवकाश पर जाने से शिक्षण व्यवस्था बे पटरी हो रही थी। अवकाश की स्वीकृति की दशा में स्कूलों में पठन-पाठन की व्यवस्था सुचारु रखने के लिए मुख्य शिक्षाधिकारी ने जिले में अवकाश के लिए नियम लागू कर दिया है।
शिक्षण संस्थानों में अब एक साथ 30 प्रतिशत से अधिक शिक्षक कर्मचारियों को अवकाश स्वीकृत नहीं होगा। सरकारी कर्मचारी को निलंबन की अवधि में अवकाश प्रदान नहीं किया जाएगा। दुराचरण या सामान्य अक्षमता के कारण सेवा से निकाला या हटाया जाना अपेक्षित हो तो भी अवकाश स्वीकृत नहीं होगा। इसके अलावा अवकाश अवधि समाप्त होने के बाद भी अनुपस्थित होने पर कोई अवकाश वेतन नहीं दिया जाएगा। अवकाश स्वीकृत करने वाला अधिकारी जनहित में अवकाश अस्वीकार करने में सक्षम होगा। किसी अवकाश का दावा या मांग अधिकार स्वरूप नहीं किया जाएगा। इसके अलावा 52 बिंदुओं में आकस्मिक, उपार्जित, चिकित्सावकाश, प्रतिकर, बाल्य देखभाल, पितृत्व और मातृत्व अवकाश के लिए भी नियमानुसार निर्देश जारी किए गए हैं।
शिक्षकों के अवकाश और इससे पठन पाठन में आ रही समस्या को लेकर कुछ शिकायतें मिल रहीं थी। शासनादेशों में वर्णित अवकाशों के संदर्भ में सामान्य नियमों का पालन करने के लिए सभी सरकारी स्कूलों को पत्र भेजा जा रहा है और इन नियमों को सभी को मानना आवश्यक है। - गोविंद राम जायसवाल, मुख्य शिक्षाधिकारी, नैनीताल
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शिक्षण संस्थानों में अब एक साथ 30 प्रतिशत से अधिक शिक्षक कर्मचारियों को अवकाश स्वीकृत नहीं होगा। सरकारी कर्मचारी को निलंबन की अवधि में अवकाश प्रदान नहीं किया जाएगा। दुराचरण या सामान्य अक्षमता के कारण सेवा से निकाला या हटाया जाना अपेक्षित हो तो भी अवकाश स्वीकृत नहीं होगा। इसके अलावा अवकाश अवधि समाप्त होने के बाद भी अनुपस्थित होने पर कोई अवकाश वेतन नहीं दिया जाएगा। अवकाश स्वीकृत करने वाला अधिकारी जनहित में अवकाश अस्वीकार करने में सक्षम होगा। किसी अवकाश का दावा या मांग अधिकार स्वरूप नहीं किया जाएगा। इसके अलावा 52 बिंदुओं में आकस्मिक, उपार्जित, चिकित्सावकाश, प्रतिकर, बाल्य देखभाल, पितृत्व और मातृत्व अवकाश के लिए भी नियमानुसार निर्देश जारी किए गए हैं।
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शिक्षकों के अवकाश और इससे पठन पाठन में आ रही समस्या को लेकर कुछ शिकायतें मिल रहीं थी। शासनादेशों में वर्णित अवकाशों के संदर्भ में सामान्य नियमों का पालन करने के लिए सभी सरकारी स्कूलों को पत्र भेजा जा रहा है और इन नियमों को सभी को मानना आवश्यक है। - गोविंद राम जायसवाल, मुख्य शिक्षाधिकारी, नैनीताल
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