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हादसे का शिकार हो गया रामू, ‘सिस्टम’ भी बेरहम निकला
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लालकुआं में लेंटर से गिरकर मौत के बाद मृतक रामू के परिजन।
- फोटो : LALKUAN
लालकुआं (नैनीताल)। सरिया व्यवसायी के निर्माणाधीन दोमंजिले की छत पर काम कर रहे मजदूर रामू की गिरने से मौत हो गई। आरोप है कि आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी घायल होने पर उसे हल्द्वानी के प्राइवेट से लेकर सरकारी अस्पतालों में दौड़ाया गया।
वार्ड नंबर एक निवासी रामू (45) विगत दिवस वार्ड नंबर एक स्थित सरिया सीमेंट व्यवसायी जगदीश प्रसाद अग्रवाल के दोमंजिले मकान की छत पर काम कर रहा था। इस दौरान मिस्त्री राजेश कुमार को ईंट देते समय संतुलन बिगड़ने से रामू का पैर फिसल गया और वह पड़ोसी रमेश चंद्र जोशी की छत पर जा गिरा। उसे गंभीर अवस्था में पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और उसके बाद एसटीएच ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी।
विवेकानंद अस्पताल में ले जाया गया, जहां शनिवार की दोपहर रामू ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद रामू की पत्नी भगवान देवी और पुत्र संजीव का रो-रोकर बुरा हाल है। राम चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। सबसे बड़ा भाई लाला राम नगर पंचायत में कार्यरत है।
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सरकारी से लेकर प्राइवेट अस्पतालों ने इधर से उधर दौड़ाया
लालकुआं (नैनीताल)। रामू के बड़े भाई लालाराम ने बताया कि उनके पास आयुष्मान कार्ड है। जिसे लेकर वह रामू का इलाज कराने गए थे। रामू के सिर पर गंभीर चोट आई थी, लेकिन बेस अस्पताल हल्द्वानी से उसे सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर कर दिया गया। इसके बाद जब वह सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचे तो वहां पर मरीज को भर्ती करने से हाथ खड़े कर दिए गए।
बताया गया कि उनके पास न तो कोई न्यूरो सर्जन है और न मशीन चालू हालत में ही है। लिहाजा उसे हल्द्वानी के एक निजी चिकित्सालय में ले गए, लेकिन निजी चिकित्सालय द्वारा बताया गया कि उनके यहां आयुष्मान कार्ड योजना लागू नहीं है। हल्द्वानी के एक अस्पताल में संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि आयुष्मान कार्ड योजना हमारे यहां लागू तो है मगर इसमें न्यूरो, किडनी संबंधित बीमारियों के लिए एमओयू पर साइन नहीं किया गया है। अंत में रामू को विवेकानंद अस्पताल में ले जाया गया, जहां शनिवार दोपहर दम तोड़ दिया।
मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर रामू के सिर पर चोट लगी थी तो एसटीएच में न्यूरो सर्जन नहीं होने की वजह से उसे निजी अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई होगी, रविवार को इस बाबत सीएमओ से वार्ता की जाएगी। - डॉ. अरुण जोशी, एमएस, सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी
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फोटो
इधर, डीएम ने मासूम अर्चना के इलाज की उम्मीद जगाई
तीन वर्ष की मासूम की पेशाब की नली और किडनी में है इंफेक्शन, आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी नहीं मिला इलाज
माई सिटी रिपोर्टर
हल्द्वानी। जिंदगी और मौत से जूझ रही तीन वर्ष की मासूम की जान बचाने की गुहार लगाने मजबूर पिता शनिवार को डीएम सविन बंसल के समक्ष पहुंचे तो इलाज का आश्वासन मिला।
कॉलटैक्स कैनाल रोड काठगोदाम निवासी बब्लू नाथ गोस्वामी की छोटी बेटी अर्चना (03) की दोनों किडनियों में इंफेक्शन है और पेशाब की थैली में संक्रमण है। अर्चना के दो आपरेशन एसजीपीजीआई लखनऊ में होने हैं। पहला आपरेशन पेशाब की नली का होगा और दूसरा आपरेशन किडनी का। दोनों आपरेशन में तीन से चार लाख रुपये खर्च होने हैं। आयुष्मान कार्ड का लाभ न मिलने के कारण मजबूरी में एसजीपीजीआई लखनऊ में इलाज कराना पड़ रहा है। डीएम ने सीएमओ को आदेश दिया कि राज्य के अस्पतालों में पता करके बताएं कि इलाज संभव है या नहीं। एसीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने परिजनों को बुलाकर बात की और मंगलवार तक जानकारी देने के लिए समय मांगा है।
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वार्ड नंबर एक निवासी रामू (45) विगत दिवस वार्ड नंबर एक स्थित सरिया सीमेंट व्यवसायी जगदीश प्रसाद अग्रवाल के दोमंजिले मकान की छत पर काम कर रहा था। इस दौरान मिस्त्री राजेश कुमार को ईंट देते समय संतुलन बिगड़ने से रामू का पैर फिसल गया और वह पड़ोसी रमेश चंद्र जोशी की छत पर जा गिरा। उसे गंभीर अवस्था में पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और उसके बाद एसटीएच ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी।
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विवेकानंद अस्पताल में ले जाया गया, जहां शनिवार की दोपहर रामू ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद रामू की पत्नी भगवान देवी और पुत्र संजीव का रो-रोकर बुरा हाल है। राम चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। सबसे बड़ा भाई लाला राम नगर पंचायत में कार्यरत है।
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सरकारी से लेकर प्राइवेट अस्पतालों ने इधर से उधर दौड़ाया
लालकुआं (नैनीताल)। रामू के बड़े भाई लालाराम ने बताया कि उनके पास आयुष्मान कार्ड है। जिसे लेकर वह रामू का इलाज कराने गए थे। रामू के सिर पर गंभीर चोट आई थी, लेकिन बेस अस्पताल हल्द्वानी से उसे सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर कर दिया गया। इसके बाद जब वह सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचे तो वहां पर मरीज को भर्ती करने से हाथ खड़े कर दिए गए।
बताया गया कि उनके पास न तो कोई न्यूरो सर्जन है और न मशीन चालू हालत में ही है। लिहाजा उसे हल्द्वानी के एक निजी चिकित्सालय में ले गए, लेकिन निजी चिकित्सालय द्वारा बताया गया कि उनके यहां आयुष्मान कार्ड योजना लागू नहीं है। हल्द्वानी के एक अस्पताल में संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि आयुष्मान कार्ड योजना हमारे यहां लागू तो है मगर इसमें न्यूरो, किडनी संबंधित बीमारियों के लिए एमओयू पर साइन नहीं किया गया है। अंत में रामू को विवेकानंद अस्पताल में ले जाया गया, जहां शनिवार दोपहर दम तोड़ दिया।
मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर रामू के सिर पर चोट लगी थी तो एसटीएच में न्यूरो सर्जन नहीं होने की वजह से उसे निजी अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई होगी, रविवार को इस बाबत सीएमओ से वार्ता की जाएगी। - डॉ. अरुण जोशी, एमएस, सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी
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इधर, डीएम ने मासूम अर्चना के इलाज की उम्मीद जगाई
तीन वर्ष की मासूम की पेशाब की नली और किडनी में है इंफेक्शन, आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी नहीं मिला इलाज
माई सिटी रिपोर्टर
हल्द्वानी। जिंदगी और मौत से जूझ रही तीन वर्ष की मासूम की जान बचाने की गुहार लगाने मजबूर पिता शनिवार को डीएम सविन बंसल के समक्ष पहुंचे तो इलाज का आश्वासन मिला।
कॉलटैक्स कैनाल रोड काठगोदाम निवासी बब्लू नाथ गोस्वामी की छोटी बेटी अर्चना (03) की दोनों किडनियों में इंफेक्शन है और पेशाब की थैली में संक्रमण है। अर्चना के दो आपरेशन एसजीपीजीआई लखनऊ में होने हैं। पहला आपरेशन पेशाब की नली का होगा और दूसरा आपरेशन किडनी का। दोनों आपरेशन में तीन से चार लाख रुपये खर्च होने हैं। आयुष्मान कार्ड का लाभ न मिलने के कारण मजबूरी में एसजीपीजीआई लखनऊ में इलाज कराना पड़ रहा है। डीएम ने सीएमओ को आदेश दिया कि राज्य के अस्पतालों में पता करके बताएं कि इलाज संभव है या नहीं। एसीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने परिजनों को बुलाकर बात की और मंगलवार तक जानकारी देने के लिए समय मांगा है।