Haldwani: रेलवे कर्मियों, बुजुर्गों के लिए कम नहीं किया किराया; रेल से मिलने वाली सौगात की सूचना देगी पिंक बुक
रेलवे को केंद्रीय बजट 2024-2025 में 2.52 लाख करोड़ रुपये मिले हैं। इस बजट में एक ओर रेल सिक्योरिटी, नए कोच, ट्रेन और कॉरिडोर पर जोर दिया जा रहा है वहीं रेलवे बजट से रेल कर्मचारियों और रेल यात्रियों के हाथ कुछ नहीं लगा।
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रेलवे को केंद्रीय बजट 2024-2025 में 2.52 लाख करोड़ रुपये मिले हैं। इस बजट में एक ओर रेल सिक्योरिटी, नए कोच, ट्रेन और कॉरिडोर पर जोर दिया जा रहा है वहीं रेलवे बजट से रेल कर्मचारियों और रेल यात्रियों के हाथ कुछ नहीं लगा। रेल कर्मचारियों की पेंशन में कोई वृद्धि नहीं हुई। बुजुर्गों के लिए रेल टिकट का किराया कम करने की भी घोषणा नहीं की गई।
रेलवे के लिए जारी 2.52 लाख करोड़ के बजट में उत्तराखंड को क्या मिला, इसकी स्थिति स्पष्ट होनी हैं। इज्जत नगर मंडल के पीआरओ राजेंद्र सिंह ने बताया कि रेलवे के केंद्रीय बजट से इज्जत नगर मंडल के काठगोदाम हल्द्वानी समेत अन्य स्टेशनों पर होने वाले विकास कार्यों की जानकारी पिंक बुक से मिलेगी। इस पिंक बुक में ही प्रोजेक्ट शामिल होंगे। इससे पता चलेगा कि डिवीजन को क्या सौगात मिली हैं। हालांकि काठगोदाम स्टेशन से वंदे भारत एक्सप्रेस चलने की उम्मीद है। इसके लिए रेलवे अधिकारियों ने पूर्व में रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भी भेजा था। पीआरओ ने बताया कि रेलवे बोर्ड की ओर से बजट पारित होने के बाद पिंक बुक परियोजना से संबंधित जोनल रेलवे पर प्रत्येक कार्य के लिए आवंटित धन इस पुस्तक में दर्ज होता है।
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आज प्रस्तुत बजट में उम्मीद थी कि बुजुर्ग रेल यात्रियों को किराए में कोरोना कlल के समय दी जाने वाले डिस्काउंट को बहाल किया जाएगा, लेकिन निराशा हाथ लगी। इस बजट में वंदे भारत, पुरानी ट्रेनों के आधुनिकीकरण, और नई ट्रेनों के विस्तार तथा पूर्व घोषित ट्रेनों के संदर्भ में उत्तराखंड के लिए कोई बजट का प्रावधान नहीं किया गया है। यह उत्तराखंड के साथ सौतेला है।
रेल बजट में रेल कर्मचारियों की बेहतरी को लेकर कोई घोषणा नहीं हुई हैं। कई सालों से केंद्र कर्मचारियों की ओर से पुरानी पेंशन बहाल करने की लड़ाई लड़ी जा रही है। इस बजट में उसकी कोई चर्चा नहीं हुई। इसके अतिरिक्त इज्जतनगर मंडल के काठगोदाम, हल्द्वानी, लालकुआं समेत अन्य स्टेशनों में रेल अधिकारियों के आवास की हालात काफी बेकार हैं। बजट में रेल कर्मचारियों को बेहतर सुविधाजनक आवास दिए जाने की उम्मीद भी असफल रहीं।
- बंसत चतुर्वेदी, केंद्रीय अध्यक्ष, पूर्वोत्तर रेलवे मजदूर यूनियन