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कोतवाल की भूमिका पर सवाल, लोगों में उबाल
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भुपेंद्र चंद्र पांडे हत्याकांड मामले में पूर्व कोतवाल के निलंबन की मांग को लेकर हल्द्वानी बुद्ध
हल्द्वानी। तिकोनिया स्थितबुद्ध पार्क में रविवार को सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों ने भुप्पी हत्याकांड में लाइन हाजिर कोतवाल विक्रम सिंह राठौर का निलंबन न होने पर सामूहिक उपवास और धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने भुप्पी हत्याकांड की उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई न होने पर आमरण अनशन की चेतावनी भी दी।
छात्र संघ के पूर्व सचिव योगेंद्र बिष्ट ने कहा कि दिनदहाड़े भुप्पी पांडे हत्याकांड के बाद अब तक कोतवाल रहे विक्रम राठौर को निलंबित नहीं किया गया। उन्होंने कहा किभुप्पी पांडे ने घटना से पहले कोतवाल और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया था कि उनकी जान को खतरा है। इसके बाद भी आरोपियों को संरक्षण मिलता रहा। यूकेडी के वरिष्ठ नेता सुशील उनियाल ने कहा कि इस हत्याकांड में पुलिस अधिकारियों पर भी हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
उन्होंने इस हत्याकांड की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की। महिला नेत्री मंजू तिवारी ने कहा कि इस हत्याकांड ने सभ्य समाज को शर्मसार कर दिया है। लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। संतोष कबड़वाल ने कहा कि पुलिस अधिकारी और आरोपियों की मित्रता के चलते यह घटना हुई। धरना देने वालों में पूर्व अध्यक्ष छात्र संघ राहुल छिम्वाल, एनडी तिवारी, पूर्व अध्यक्ष छात्र संघ मयंक भट्ट, ग्राम प्रधान सचिन कुमार, पार्षद रवि वाल्मीकि , पार्षद पूरन सिंह, दिनेश सागर, राजू रावत, मदन मोहन जोशी, प्रकाश बृजवासी, रविंद्र बाली, हितेश शर्मा, चंद्रशेखर परगाई, हरीश नेगी, लोकेश नेगी, नितिन भट्ट, होशियार सिंह भंडारी, गिरीश चंद पाठक, संदीप कुकसाल, बीना भट्ट, जानकी पांडेय, सुशील भंडारी, राधिका नयाल, लीला नयाल, लक्ष्मी नयाल, गिरीश पांडेय, हरीशचंद्र बलूटिया, आशु वाल्मीकि आदि शामिल रहे।
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छात्र संघ के पूर्व सचिव योगेंद्र बिष्ट ने कहा कि दिनदहाड़े भुप्पी पांडे हत्याकांड के बाद अब तक कोतवाल रहे विक्रम राठौर को निलंबित नहीं किया गया। उन्होंने कहा किभुप्पी पांडे ने घटना से पहले कोतवाल और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया था कि उनकी जान को खतरा है। इसके बाद भी आरोपियों को संरक्षण मिलता रहा। यूकेडी के वरिष्ठ नेता सुशील उनियाल ने कहा कि इस हत्याकांड में पुलिस अधिकारियों पर भी हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
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उन्होंने इस हत्याकांड की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की। महिला नेत्री मंजू तिवारी ने कहा कि इस हत्याकांड ने सभ्य समाज को शर्मसार कर दिया है। लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। संतोष कबड़वाल ने कहा कि पुलिस अधिकारी और आरोपियों की मित्रता के चलते यह घटना हुई। धरना देने वालों में पूर्व अध्यक्ष छात्र संघ राहुल छिम्वाल, एनडी तिवारी, पूर्व अध्यक्ष छात्र संघ मयंक भट्ट, ग्राम प्रधान सचिन कुमार, पार्षद रवि वाल्मीकि , पार्षद पूरन सिंह, दिनेश सागर, राजू रावत, मदन मोहन जोशी, प्रकाश बृजवासी, रविंद्र बाली, हितेश शर्मा, चंद्रशेखर परगाई, हरीश नेगी, लोकेश नेगी, नितिन भट्ट, होशियार सिंह भंडारी, गिरीश चंद पाठक, संदीप कुकसाल, बीना भट्ट, जानकी पांडेय, सुशील भंडारी, राधिका नयाल, लीला नयाल, लक्ष्मी नयाल, गिरीश पांडेय, हरीशचंद्र बलूटिया, आशु वाल्मीकि आदि शामिल रहे।
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