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लोक गायकों को उचित सम्मान नहीं मिल पाया
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, रामनगर।
Updated Mon, 31 Jul 2017 01:54 AM IST
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लोक गायकों को उचित सम्मान नहीं मिल पाया
- फोटो : अमर उजाला
रामनगर (नैनीताल)। कुमाऊंनी लोक गायक हीरा सिंह राणा का कहना है कि उत्तराखंड आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले लोक गायकों को उचित सम्मान नहीं मिल पाया है। जिन सपनों के लिए उत्तराखंड की कल्पना की थी वे आज भी अधूरे हैं।स्वस्थ होने के बाद रविवार को बृजेश अस्पताल में पत्रकारों से बातचीत की। राणा ने कहा कि संस्कृति और परंपराओं को बचाने में लोक गायक शिद्दत से लगे हैं।
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सरकारों को चाहिए कि उन्हें हर स्तर से मदद करे। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और रोजाना मिलने आ रहे लोगों का आभार भी जताया। यह भी कहा कि स्थानीय विधायक दीवान सिंह बिष्ट के प्रयासों से इलाज का पूरा खर्च प्रदेश सरकार ने उठाया है। वह इसके लिए भी आभारी हैं। उन्होंने कहा कि वह अपने दुख-दर्द को भूल गए हैं।
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इस बात की खुशी है कि जल्द अपने पैरों पर खड़े हो गए हैं। इस दौरान डॉ. अभिषेक अग्रवाल, डॉ. विनती अग्रवाल आदि भी मौजूद रहे। बता दें कि हीरा सिंह राणा पिछले दिनों मानिला जिला अल्मोड़ा के ग्राम डढूली स्थित अपने घर में फिसल कर गिर गए थे। उनके बाएं कुल्हे की हड्डी टूट गई थी। उनका इलाज कर रहे डॉ. तरुण सोलंकी ने दावा किया कि लोक गायक जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ होकर पहले की तरह चलने-फिरने लगेंगे।
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