{"_id":"69d16d3c07cb81c46c080c7f","slug":"provide-the-benefits-of-scientific-technology-to-fishermen-nainital-news-c-418-1-shld1006-5314-2026-04-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Nainital News: मत्स्य पालकों को दिलाएं वैज्ञानिक तकनीकी का लाभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Nainital News: मत्स्य पालकों को दिलाएं वैज्ञानिक तकनीकी का लाभ
Sun, 05 Apr 2026 01:27 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Sun, 05 Apr 2026 01:27 AM IST
विज्ञापन
भीमताल (नैनीताल)। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. मांगी लाल जाट ने भीमताल के केंद्रीय शीतजल मत्स्य अनुसंधान संस्थान का शनिवार को निरीक्षण किया। संस्थान के निदेशक डॉ. अमित पांडे ने संस्थान में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। डॉ. जाट ने पारिस्थितिकी रूप से संवेदनशील हिमालयी क्षेत्रों में क्षेत्र विशिष्ट अनुसंधान की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने मत्स्य पालकों और किसानों को वैज्ञानिकों तकनीक का लाभ दिलाने को कहा। उप निदेशक डॉ. जेके जेना ने वर्ष 2047 तक रेनबो ट्राउट उत्पादन का राष्ट्रीय लक्ष्य दुगना करने को कहा। डॉ. डीके यादव ने राष्ट्रीय अभियानों के अनुरूप क्षेत्रीय एवं आवश्यकता आधारित अनुसंधान पर जोर दिया। इस दौरान डॉ. राजबीर सिंह, डॉ. लक्ष्मीकांत, डॉ. वाईएस मलिक आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन