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Nainital News: नियुक्ति प्रक्रिया में सबीआई जांच के आदेश पर रोक
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नैनीताल। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने बुधवार को रामनगर में गोमती-पूरन प्रसाद (जीपीपी) आर्य कन्या इंटर कॉलेज में नियुक्ति प्रक्रिया में धांधली को लेकर एकलपीठ की ओर से दिए गए सीबीआई जांच के आदेश को चुनौती देने वाली स्पेशल अपील पर सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ ने एकलपीठ के सीबीआई जांच के आदेश को निरस्त करते हुए स्पेशल अपील को निस्तारित कर दिया है। कोर्ट ने याचिका को गुणदोष के आधार पर सुनवाई के लिए एकलपीठ को भेज दिया है। एकलपीठ इस प्रकरण पर जनवरी माह के पहले सप्ताह में सुनवाई करेगी।
स्कूल प्रबंधन ने एकलपीठ के आदेश को दी चुनौती
- 2018 में एकलपीठ ने रामनगर में गोमती-पूरन प्रसाद (जीपीपी) आर्य कन्या इंटर कॉलेज में नियुक्ति प्रक्रिया में धांधली को लेकर सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। कोर्ट ने जांच एजेंसी को चार माह में जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने को कहा था।
ये है याचिका
- हाईकोर्ट की एकलपीठ के समक्ष रामनगर निवासी अंजू अग्रवाल ने 2018 में याचिका दायर की। कहा कि 23 मई 2014 को जीपीपी आर्य कन्या इंटर कॉलेज में शिक्षक व लिपिक वर्गीय नौ पदों के लिए विज्ञप्ति जारी हुई। पांच सितंबर को चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति दे दी गई। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि उसकी ओर से भी सहायक लिपिक पद के लिए आवेदन किया था। विज्ञप्ति की शर्त के अनुसार सहायक लिपिक पद के लिए मान्यता प्राप्त संस्थान से कंप्यूटर टाइपिंग का प्रमाण पत्र होना जरूरी था। मगर चयन कमेटी द्वारा जिस नेहा शर्मा का चयन किया गया उसके पास कंप्यूटर प्रमाण पत्र नहीं है। इसी कारण उन्होंने उनकी नियुक्ति को याचिका के माध्यम से चुनौती दी। सुनवाई के बाद एकलपीठ ने सीबीआई जांच के आदेश दिए थे।
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स्कूल प्रबंधन ने एकलपीठ के आदेश को दी चुनौती
- 2018 में एकलपीठ ने रामनगर में गोमती-पूरन प्रसाद (जीपीपी) आर्य कन्या इंटर कॉलेज में नियुक्ति प्रक्रिया में धांधली को लेकर सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। कोर्ट ने जांच एजेंसी को चार माह में जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने को कहा था।
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ये है याचिका
- हाईकोर्ट की एकलपीठ के समक्ष रामनगर निवासी अंजू अग्रवाल ने 2018 में याचिका दायर की। कहा कि 23 मई 2014 को जीपीपी आर्य कन्या इंटर कॉलेज में शिक्षक व लिपिक वर्गीय नौ पदों के लिए विज्ञप्ति जारी हुई। पांच सितंबर को चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति दे दी गई। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि उसकी ओर से भी सहायक लिपिक पद के लिए आवेदन किया था। विज्ञप्ति की शर्त के अनुसार सहायक लिपिक पद के लिए मान्यता प्राप्त संस्थान से कंप्यूटर टाइपिंग का प्रमाण पत्र होना जरूरी था। मगर चयन कमेटी द्वारा जिस नेहा शर्मा का चयन किया गया उसके पास कंप्यूटर प्रमाण पत्र नहीं है। इसी कारण उन्होंने उनकी नियुक्ति को याचिका के माध्यम से चुनौती दी। सुनवाई के बाद एकलपीठ ने सीबीआई जांच के आदेश दिए थे।
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