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एनएमसी के विरोध में हड़ताल पर रहे प्राइवेट डाक्टर
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हल्द्वानी में आईएमए की बैठक में मौजूद डाक्टर। अमर उजाला
हल्द्वानी। नेशनल मेडिकल कमीशन बिल (एनएमसी) के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के आह्वान पर बुधवार को शहर और आसपास के क्षेत्रों के सभी प्राइवेट डॉक्टर हड़ताल पर रहे। सुबह सभी प्राइवेट अस्पतालों में ओपीडी में ताले पड़े रहे। इस कारण बेस, महिला और सुशीला तिवारी अस्पताल में मरीजों की भीड़ उमड़ी। हालांकि इमरजेंसी सेवाओं को हड़ताल से मुक्त रखा गया था।
हड़ताल के चलते बुधवार को सुशीला तिवारी अस्पताल, बेस अस्पताल और महिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ गई। तीनों अस्पतालों में सुबह आठ बजे से ही मरीजों की लंबी लाइनें लगनी शुरू हो गई थी। दोपहर तक लोग ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचते रहे। सुशीला तिवारी अस्पताल में 596 मरीज आईपीडी में पहुंचे। इनमें 92 नए मरीज थे। आईएमए अध्यक्ष डॉ. डीसी पंत और सचिव डॉ. प्रदीप पांडे ने बताया कि हड़ताल के चलते शहर में प्रेक्टिस करने वाले 200 से अधिक डॉक्टर हड़ताल पर रहे जिसके चलते 15 हजार से अधिक मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा।
झोलाछाप प्रैक्टिस को बढ़ावा देगा एनएमसी बिल: आईएमए
हल्द्वानी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की स्थानीय शाखा के पदाधिकारियों और सदस्यों ने बैठक कर एनएमसी बिल की मंजूरी का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने इस बिल को लोगों के स्वास्थ्य के खिलवाड़ करने वाला बताते हुए इसके खिलाफ संघर्ष जारी रखने का एलान किया। अग्रसेन भवन स्थित आईएमए सभागार में हुई बैठक में स्थानीय शाखा के अध्यक्ष डॉ. डीसी पंत ने कहा कि इस बिल में कई खामियां हैं जिसके चलते आईएमए की राष्ट्रीय कार्यकारिणी शुरू से ही इसका विरोध कर रही है। कहा कि यह बिल झोलाछाप प्रैक्टिस को बढ़ावा देगा जिसके चलते मरीजों की जान कभी भी आफत में पड़ सकती है। आईएमए सचिव डॉ. प्रदीप पांडे ने कहा कि इस बिल के कारण अब एनजीईटी व एनईएक्सटी परीक्षा द्वारा लगभग पचास फीसदी मेडिकल के विद्यार्थी एमसीआई से मान्यता प्राप्त मेडिकल कालेजों से उत्तीर्ण होने के बाद भी प्रेक्टिस नहीं कर पाएंगे। कालेज की पचास फीसदी सीटें मैनेजमेंट कोटे से भरी जाएंगी जिसके चलते मध्यम वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए एमबीबीएस की पड़ाई सपना मात्र ही रह जाएगी। तय किया गया कि बिल के खिलाफ आईएमए अपना संघर्ष जारी रखेगा।
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ये रहे मौजूद
हल्द्वानी। बैठक में डॉ. अनिल अग्रवाल, डॉ. केसी शर्मा, डॉ. केसी लोहानी, डॉ. बीसी पांडे, डॉ. संजय जुयाल, डॉ. एसके अग्रवाल, डॉ पंकज गुप्ता, डॉ. भूपेंद्र बिष्ट, डॉ. पुनीत अग्रवाल, डॉ. वाईसी शर्मा, डॉ. महेश कुमार, डॉ. आरके केडिया, डॉ. वीपी त्रिपाठी, डॉ. संदीप अग्रवाल, डॉ. एएन सक्सेना, डॉ. पीसी फुलेरिया, डॉ. मोहन तिवारी, डॉ. मोहन सती, डॉ. अर्चना सिंह, डॉ. कुसुम नारियाल, डॉ. अलका सती, डॉ. एसके गुप्ता आदि मौजूद रहे।
एनएमसी बिल के विरोध में बंद रखी सामान्य चिकित्सा सेवा
रामनगर (नैनीताल)। एनएमसी बिल के खिलाफ रामनगर आईएमए के चिकित्सकों ने भी बुधवार को अपनी सामान्य चिकित्सा सेवाएं बंद रखी। इमरजेंसी, आईसीयू एवं समकक्ष सेवाएं बाधित नहीं की गई। रामनगर की ओपीडी एवं सामान्य सेवाएं बंद रखने से मरीजों को परेशानी हुई। विरोध करने वालों में डॉ.प्रमोद मेहरोत्रा, डॉ.विपिन मेहरोत्रा, डॉ.केके अग्रवाल, डॉ.बीसी अग्रवाल, डॉ.केसी जोशी, डॉ.रीना सिंघल, डॉ.विजय अग्रवाल, डॉ.अभिषेक अग्रवाल, डॉ.निकुंज अग्रवाल, डॉ.शाहिद रजा बेग आदि थे।
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हड़ताल के चलते बुधवार को सुशीला तिवारी अस्पताल, बेस अस्पताल और महिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ गई। तीनों अस्पतालों में सुबह आठ बजे से ही मरीजों की लंबी लाइनें लगनी शुरू हो गई थी। दोपहर तक लोग ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचते रहे। सुशीला तिवारी अस्पताल में 596 मरीज आईपीडी में पहुंचे। इनमें 92 नए मरीज थे। आईएमए अध्यक्ष डॉ. डीसी पंत और सचिव डॉ. प्रदीप पांडे ने बताया कि हड़ताल के चलते शहर में प्रेक्टिस करने वाले 200 से अधिक डॉक्टर हड़ताल पर रहे जिसके चलते 15 हजार से अधिक मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा।
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झोलाछाप प्रैक्टिस को बढ़ावा देगा एनएमसी बिल: आईएमए
हल्द्वानी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की स्थानीय शाखा के पदाधिकारियों और सदस्यों ने बैठक कर एनएमसी बिल की मंजूरी का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने इस बिल को लोगों के स्वास्थ्य के खिलवाड़ करने वाला बताते हुए इसके खिलाफ संघर्ष जारी रखने का एलान किया। अग्रसेन भवन स्थित आईएमए सभागार में हुई बैठक में स्थानीय शाखा के अध्यक्ष डॉ. डीसी पंत ने कहा कि इस बिल में कई खामियां हैं जिसके चलते आईएमए की राष्ट्रीय कार्यकारिणी शुरू से ही इसका विरोध कर रही है। कहा कि यह बिल झोलाछाप प्रैक्टिस को बढ़ावा देगा जिसके चलते मरीजों की जान कभी भी आफत में पड़ सकती है। आईएमए सचिव डॉ. प्रदीप पांडे ने कहा कि इस बिल के कारण अब एनजीईटी व एनईएक्सटी परीक्षा द्वारा लगभग पचास फीसदी मेडिकल के विद्यार्थी एमसीआई से मान्यता प्राप्त मेडिकल कालेजों से उत्तीर्ण होने के बाद भी प्रेक्टिस नहीं कर पाएंगे। कालेज की पचास फीसदी सीटें मैनेजमेंट कोटे से भरी जाएंगी जिसके चलते मध्यम वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए एमबीबीएस की पड़ाई सपना मात्र ही रह जाएगी। तय किया गया कि बिल के खिलाफ आईएमए अपना संघर्ष जारी रखेगा।
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ये रहे मौजूद
हल्द्वानी। बैठक में डॉ. अनिल अग्रवाल, डॉ. केसी शर्मा, डॉ. केसी लोहानी, डॉ. बीसी पांडे, डॉ. संजय जुयाल, डॉ. एसके अग्रवाल, डॉ पंकज गुप्ता, डॉ. भूपेंद्र बिष्ट, डॉ. पुनीत अग्रवाल, डॉ. वाईसी शर्मा, डॉ. महेश कुमार, डॉ. आरके केडिया, डॉ. वीपी त्रिपाठी, डॉ. संदीप अग्रवाल, डॉ. एएन सक्सेना, डॉ. पीसी फुलेरिया, डॉ. मोहन तिवारी, डॉ. मोहन सती, डॉ. अर्चना सिंह, डॉ. कुसुम नारियाल, डॉ. अलका सती, डॉ. एसके गुप्ता आदि मौजूद रहे।
एनएमसी बिल के विरोध में बंद रखी सामान्य चिकित्सा सेवा
रामनगर (नैनीताल)। एनएमसी बिल के खिलाफ रामनगर आईएमए के चिकित्सकों ने भी बुधवार को अपनी सामान्य चिकित्सा सेवाएं बंद रखी। इमरजेंसी, आईसीयू एवं समकक्ष सेवाएं बाधित नहीं की गई। रामनगर की ओपीडी एवं सामान्य सेवाएं बंद रखने से मरीजों को परेशानी हुई। विरोध करने वालों में डॉ.प्रमोद मेहरोत्रा, डॉ.विपिन मेहरोत्रा, डॉ.केके अग्रवाल, डॉ.बीसी अग्रवाल, डॉ.केसी जोशी, डॉ.रीना सिंघल, डॉ.विजय अग्रवाल, डॉ.अभिषेक अग्रवाल, डॉ.निकुंज अग्रवाल, डॉ.शाहिद रजा बेग आदि थे।