{"_id":"60e4a64d8ebc3e549a4944bf","slug":"priests-and-shopkeepers-opened-garjiya-temple-without-permission-ramnagar-news-hld4302677170","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुजारी और दुकानदारों ने बिना अनुमति खोल दिया गर्जिया मंदिर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुजारी और दुकानदारों ने बिना अनुमति खोल दिया गर्जिया मंदिर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामनगर (नैनीताल)। पुजारी और स्थानीय दुकानदारों ने मंदिर समिति को सूचना दिए बगैर ही मंगलवार को गर्जिया मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया। इसकी जानकारी मंदिर समिति को हुई तो पुलिस ने तीन घंटे बाद ही मंदिर को फिर से बंद करा दिया।
मंदिर समिति के अध्यक्ष केएस अधिकारी ने बताया कि समिति को बिना बताए सुबह करीब साढ़े सात बजे मंदिर को खोल दिया गया। श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंच गए और कुछ लोग नदी में नहाने लगे। इस बीच पुलिस प्रशासन की ओर से मंदिर को फिर से बंद कराने के लिए कहा गया। वहीं पुजारी ने लोगों से मंदिर परिसर से बाहर जाने की अपील की लेकिन कोई मानने को तैयार नहीं था। इस पर पुलिस को बुलाया गया और करीब 10:30 बजे सभी श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर से बाहर किया गया। इसके बाद पुलिस ने मंदिर के रास्ते को बंद कर दिया।
मंदिर के पुजारी पंडित मनोज पांडेय ने बताया कि श्रद्धालु दूरदराज से गर्जिया मां के दर्शनों के लिए आ रहे थे। उन्होंने कोविड नियमों के तहत मंदिर खोलने का फैसला लिया था। मंदिर सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक खोला जाए, लेकिन मंदिर समिति अभी मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए खोलना नहीं चाहती है। इसके चलते पुन: मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए हैं।
विज्ञापन
मंदिर समिति के अध्यक्ष अधिकारी ने कहा कि लंबे समय बाद मंदिर खोला जाना है, ऐसे में श्रद्धालुओं से कोविड नियमों का पालन कराना भी चुनौतीपूर्ण होगा। इसके लिए 11 जुलाई को मंदिर समिति की बैठक प्रस्तावित है, जिसमें सभी बिंदुओं पर बात होगी। इसके बाद ही मंदिर को खोलने पर फैसला होगा।
विज्ञापन
मंदिर समिति के अध्यक्ष केएस अधिकारी ने बताया कि समिति को बिना बताए सुबह करीब साढ़े सात बजे मंदिर को खोल दिया गया। श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंच गए और कुछ लोग नदी में नहाने लगे। इस बीच पुलिस प्रशासन की ओर से मंदिर को फिर से बंद कराने के लिए कहा गया। वहीं पुजारी ने लोगों से मंदिर परिसर से बाहर जाने की अपील की लेकिन कोई मानने को तैयार नहीं था। इस पर पुलिस को बुलाया गया और करीब 10:30 बजे सभी श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर से बाहर किया गया। इसके बाद पुलिस ने मंदिर के रास्ते को बंद कर दिया।
विज्ञापन
मंदिर के पुजारी पंडित मनोज पांडेय ने बताया कि श्रद्धालु दूरदराज से गर्जिया मां के दर्शनों के लिए आ रहे थे। उन्होंने कोविड नियमों के तहत मंदिर खोलने का फैसला लिया था। मंदिर सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक खोला जाए, लेकिन मंदिर समिति अभी मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए खोलना नहीं चाहती है। इसके चलते पुन: मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए हैं।
विज्ञापन
मंदिर समिति के अध्यक्ष अधिकारी ने कहा कि लंबे समय बाद मंदिर खोला जाना है, ऐसे में श्रद्धालुओं से कोविड नियमों का पालन कराना भी चुनौतीपूर्ण होगा। इसके लिए 11 जुलाई को मंदिर समिति की बैठक प्रस्तावित है, जिसमें सभी बिंदुओं पर बात होगी। इसके बाद ही मंदिर को खोलने पर फैसला होगा।