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Nainital News: प्रदेश को खुरपका-मुंहपका रोग मुक्त करने की तैयारी
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हल्द्वानी। सरकार के निर्देश पर पशुपालन विभाग ने प्रदेश को खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) रोग से मुक्त करने की पहल शुरू कर दी है। इसके लिए विभाग दस मार्च से प्रदेश भर में विशेष टीकाकरण अभियान चलाएगा। केंद्र सरकार ने इस कार्य के पायलट प्रोजेक्ट के रूप में उत्तराखंड को चुना है।
विभाग के उपनिदेशक डॉ. उदयशंकर ने बताया कि लाइव स्टाक हेल्थ एंड डिजिज कंट्रोल प्रोग्राम के तहत उत्तराखंड को एफएमडी मुक्त करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए प्रत्येक छह छह माह में टीकाकरण के विशेष अभियान चलाए जाएंगे। इसके तहत गोवंशीय पशुओं के अलावा भैंस व बकरियों को टीके लगाए जाएंगे। बताया कि प्रत्येक पशु चिकित्सा केंद्र में नौ मार्च तक पर्याप्त संख्या में टीके पहुंच जाएंगे। डॉ. उदयशंकर ने बताया कि विभाग की टीमें दस मार्च से अगले एक माह तक गांवों में शिविर लगाकर पशुओं का टीकाकरण करेंगी। टीका लगाने से पहले पशुओं को कीड़े की दवा भी खिलाई जाएंगी और उनके खून के सैंपल भी लिए जाएंगे। टीका लगाने के बाद भी खून के सैंपल लिए जाएंगे। ताकि यह पता चल सके कि पशुओं में रोग प्रतिरोधी क्षमता कितनी बढ़ी है। उप निदेशक ने बताया कि कुमाऊं मंडल में 9 लाख 50 हजार बड़े पशुओं और 6 लाख एक हजार भेड़-बकरियों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है।
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विभाग के उपनिदेशक डॉ. उदयशंकर ने बताया कि लाइव स्टाक हेल्थ एंड डिजिज कंट्रोल प्रोग्राम के तहत उत्तराखंड को एफएमडी मुक्त करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए प्रत्येक छह छह माह में टीकाकरण के विशेष अभियान चलाए जाएंगे। इसके तहत गोवंशीय पशुओं के अलावा भैंस व बकरियों को टीके लगाए जाएंगे। बताया कि प्रत्येक पशु चिकित्सा केंद्र में नौ मार्च तक पर्याप्त संख्या में टीके पहुंच जाएंगे। डॉ. उदयशंकर ने बताया कि विभाग की टीमें दस मार्च से अगले एक माह तक गांवों में शिविर लगाकर पशुओं का टीकाकरण करेंगी। टीका लगाने से पहले पशुओं को कीड़े की दवा भी खिलाई जाएंगी और उनके खून के सैंपल भी लिए जाएंगे। टीका लगाने के बाद भी खून के सैंपल लिए जाएंगे। ताकि यह पता चल सके कि पशुओं में रोग प्रतिरोधी क्षमता कितनी बढ़ी है। उप निदेशक ने बताया कि कुमाऊं मंडल में 9 लाख 50 हजार बड़े पशुओं और 6 लाख एक हजार भेड़-बकरियों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है।
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