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Nainital News: मॉडल विलेज की मुहिम से पलायन पर वार की तैयारी
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नैनीताल। प्रदेश के शांत पहाड़ों और बांज-बुरांश के जंगलों के बीच बसे गांव अब पर्यटकों के दिलों में भी अपनी खास जगह बनाएंगे। पहाड़ों से हो रहे पलायन को कम करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई जान देने के लिए पर्यटन विभाग ने एक शानदार मुहिम शुरू की है। अब नैनीताल जिले के गांवों को मॉडल विलेज के रूप में संवारा जा रहा है जहां आधुनिक सुविधाओं के साथ पहाड़ों की सादगी भी बरकरार रहेगी।
इस योजना का चमकता चेहरा बनकर उभरा है रामगढ़ ब्लॉक का प्यूड़ा गांव। यहां के ग्रामीणों ने अपने पारंपरिक घरों के दरवाज़े पर्यटकों के लिए खोल दिए हैं। यह गांव आज उत्तराखंड के प्रमुख मॉडल होमस्टे विलेज के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। प्यूड़ा की तर्ज पर ही मुक्तेश्वर के सुनकिया जैसे गांवों को भी अब मॉडल विलेज के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस योजना की सबसे रोचक बात यह है कि यहां आने वाले पर्यटक सिर्फ मेहमान बनकर नहीं रहेंगे बल्कि वे कुछ समय के लिए पहाड़ की जिदंगी जीएंगे।
पर्यटकों को खेतों से खुद अपने हाथों से ताजे फल और सब्जियां तोड़ने का मौका मिलेगा। वे चूल्हे पर बने पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों का स्वाद चख सकेंगे। इससे पर्यटक पहाड़ की जिदंगी को करीब से समझ और जी सकेंगे।
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अतुल भंडारी, जिला पर्यटन विकास अधिकारी
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इस योजना का चमकता चेहरा बनकर उभरा है रामगढ़ ब्लॉक का प्यूड़ा गांव। यहां के ग्रामीणों ने अपने पारंपरिक घरों के दरवाज़े पर्यटकों के लिए खोल दिए हैं। यह गांव आज उत्तराखंड के प्रमुख मॉडल होमस्टे विलेज के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। प्यूड़ा की तर्ज पर ही मुक्तेश्वर के सुनकिया जैसे गांवों को भी अब मॉडल विलेज के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस योजना की सबसे रोचक बात यह है कि यहां आने वाले पर्यटक सिर्फ मेहमान बनकर नहीं रहेंगे बल्कि वे कुछ समय के लिए पहाड़ की जिदंगी जीएंगे।
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पर्यटकों को खेतों से खुद अपने हाथों से ताजे फल और सब्जियां तोड़ने का मौका मिलेगा। वे चूल्हे पर बने पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों का स्वाद चख सकेंगे। इससे पर्यटक पहाड़ की जिदंगी को करीब से समझ और जी सकेंगे।
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अतुल भंडारी, जिला पर्यटन विकास अधिकारी