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तैयारियां पूरी, ईदगाह में सवा नौ बजे होगी ईद की नमाज
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी
Updated Tue, 13 Sep 2016 12:44 AM IST
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बकरीद को लेकर पुलिस प्रशासन सतर्क
- फोटो : अमर उजाला
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कुरबानी का त्यौहार ईद-उल-अजहा मंगलवार को है। इसकी तैयारियां पूरी हो गई हैं। ईद की नमाज के बाद कुरबानी का सिलसिला शुरू हो जाएगा, जो तीन दिन तक चलेगा। ईदगाह में नमाज का वक्त सवा नौ बजे मुकर्रर किया गया है।
अरबी कैलेंडर के 12वें महीने जिलहिज्जा की दस तारीख को ईद-उल-अजहा मनाई जाती है। इस मौके पर 10, 11 और 12 तारीख को कुरबानी की जाती है। ईद-उल-अजहा का मकसद कुरबानी ही है। जामा मस्जिद के पेश इमाम मुफ्ती शाहिद अजहरी ने बताया कि कुरबानी हजरत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की सुन्नत है।
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वे परदिगार के इम्तिहान पर खरे उतरे। बताते हैं कि अल्लाह के हुक्म पर हजरत इब्राहीम ने अपने बेटे हजरत इस्माईल को कुरबान करने का फैसला लिया। कुरबानी के वक्त बेटे की मोहब्बत हावी न हो जाए, इस वजह से उन्होंने अपनी आंखों पर पट्टी बांध ली।
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जिब्ह करके जब उन्होंने पट्टी खोली तो देखा कि इस्माईल बगल में जिंदा खड़े हैं और उनकी जगह दुम्बा कटा हुआ है। तब से आज तक जानवरों की कुर्बानी का सिलसिला लगातार जारी है। मस्जिद बंजारान के इमाम मौलाना अब्दुल बासित ने बताया कुरबानी के गोश्त के तीन हिस्से करने चाहिए।
एक हिस्सा गरीबों में बांट देना चाहिए। दूसरा हिस्सा रिश्तेदारों और परिचितों को देना चाहिए और तीसरा हिस्सा अपने लिए रखना चाहिए।
92 हजार में बिकी बकरों की जोड़ी
आजाद नगर के लाइन नंबर आठ, चोरगलिया रोड, ताज चौराहे पर लगा बकरा बाजार देर रात तक गुलजार रहा। दिन भर बकरों के दाम चढे़ रहे। हालांकि रात दस बजे दामों में कुछ गिरावट आ गई। सोमवार को सबसे महंगे बकरों की जोड़ी 92 हजार रुपये में बिकी। बहेड़ी के एक व्यापारी से स्थानीय प्रापर्टी डीलर ने ये बकरे खरीदे।
हल्द्वानी में कुरबान होगी कश्मीरी भेड़
इस बार हल्द्वानी के बाजार में दुम्बे या ऊंट तो नहीं आए, लेकिन कश्मीरी भेड़ बेचने के लिए रामपुर के व्यापारी पहुंचे तो देखने वालों की भीड़ लग गई। व्यापारी सुनील ने बताया छह माह पूर्व उन्होंने संभल के बाजार से यह भेड़ खरीदी थी। इसका रखरखाव बेहद मुश्किल है। जिस कमरे में भेड़ को रखा उसमें एसी लगा रखा था। हालांकि हल्द्वानी के बाजार में उन्हें मनमाफिक दाम नहीं मिले। मात्र 22 हजार में ये भेड़ बेच दी।
ओएलएक्स पर बेचा बकरा
आजाद नगर के वसीम ने अपना बकरा ओएलएक्स पर बेचा। बताते हैं कि बाजार में सही दाम न मिलने की वजह से उन्होंने तीन दिन पहले ओएलएक्स पर बकरे की फोटो डाल दी थी। सोमवार को मुखानी से एक व्यापारी ने फोन कर राब्ता कायम किया और बकरा खरीद लिया। कई लोगों ने ऑनलाइन बकरे खरीदे, जिनकी डिलीवरी सोमवार शाम तक हुई।