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Nainital News: सस्ते प्याज की खराब गुणवत्ता ने बिगाड़ा सौदे का गणित
Tue, 06 Oct 2026 02:36 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Tue, 06 Oct 2026 02:36 AM IST
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हल्द्वानी। आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सस्ते प्याज की खेप मंडी तो पहुंच गई लेकिन प्याज की खराब गुणवत्ता ने सौदे का गणित बिगाड़ दिया। कांदा एक्सप्रेस से आए 28 से 32 रुपये किलो थोक भाव पर मिल रहे प्याज में कालापन और खराबी की शिकायत है।
भारत सरकार की कांदा एक्सप्रेस के तहत देश की बड़ी मंडियोें में भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ लिमिटेड (नाफेड) के सहयोग से सस्ता प्याज पहुंचाया जा रहा है। हल्द्वानी थोक सब्जी मंडी के कारोबारी दिल्ली और बरेली की मंडियो से प्याज मंगा रहे हैं। व्यापारियों के अनुसार प्याज के कई दाने खराब निकल रहे हैं। इसमें काले कार्बन जैसी परत हाथों पर चिपक रही है। ऐसे में सस्ता प्याज खरीदने का फायदा ग्राहकों और व्यापारियों दोनों के बचत का स्वाद बिगाड़ रहा है।
आढ़ती संतोष केसरवानी ने बताया कि बरेली से नाफेड के जरिये सरकारी प्याज मंगाया था। प्याज छोटा होने के साथ उसमें कालापन भी है। खराब गुणवत्ता से बिक्री प्रभावित हो रही है। अच्छा प्याज 45 से 50 रुपये किलो के थोक भाव में बिक रहा है। सरकारी प्याज जल्दी खराब होने से नुकसान बढ़ रहा है।
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आढ़ती मो. शादाब ने बताया कि दिल्ली से नाफेड का प्याज मंगाने की तैयारी थी, लेकिन खराब गुणवत्ता की जानकारी के बाद खेप नहीं मंगाई। प्याज सस्ता है, लेकिन आधा माल खराब हो जाए तो लागत और बिक्री मूल्य का अंतर ही खत्म हो जाता है।
वहीं नाफेड के राज्य हेड अमित शुक्ला ने बताया कि सरकारी प्याज को गुणवत्ता के आधार पर ए, बी और सी श्रेणी में बेचा जा रहा है। इसकी कीमत करीब 22 रुपये प्रति किलो तक है। देश में प्याज की उपलब्धता सीमित होने के कारण इसे श्रेणी के अनुसार जनता को उपलब्ध कराया जा रहा है।
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मांग रद्द होने से सब्जी कारोबारियों को नुकसान
हल्द्वानी। कैची धाम में उमड़े जनसैलाब के कारण थोक मंडी के सब्जी व्यापारियों को नुकसान हुआ है। पर्वतीय क्षेत्रों से फल और सब्जियों की मांग रद्द होने से कारोबार भी प्रभावित हुआ। आढ़तियों के अनुसार, लगभग 50 फीसदी सब्जियों पर इसका सीधा असर पड़ा है। आढ़ती जीवन कार्की ने बताया कि अल्मोड़ा सहित अन्य जिलों के लिए भेजे जाने वाले ऑर्डर कैंसिल हो गए। जाम लगने से वाहन देरी से पहुंचे। आढ़ती राजेश मिश्रा ने बताया कि उनके दो ट्रक सब्जियों के ऑर्डर रद्द हुए जबकि जाम लगने से भाड़ा भी ज्यादा लगा।
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भारत सरकार की कांदा एक्सप्रेस के तहत देश की बड़ी मंडियोें में भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ लिमिटेड (नाफेड) के सहयोग से सस्ता प्याज पहुंचाया जा रहा है। हल्द्वानी थोक सब्जी मंडी के कारोबारी दिल्ली और बरेली की मंडियो से प्याज मंगा रहे हैं। व्यापारियों के अनुसार प्याज के कई दाने खराब निकल रहे हैं। इसमें काले कार्बन जैसी परत हाथों पर चिपक रही है। ऐसे में सस्ता प्याज खरीदने का फायदा ग्राहकों और व्यापारियों दोनों के बचत का स्वाद बिगाड़ रहा है।
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आढ़ती संतोष केसरवानी ने बताया कि बरेली से नाफेड के जरिये सरकारी प्याज मंगाया था। प्याज छोटा होने के साथ उसमें कालापन भी है। खराब गुणवत्ता से बिक्री प्रभावित हो रही है। अच्छा प्याज 45 से 50 रुपये किलो के थोक भाव में बिक रहा है। सरकारी प्याज जल्दी खराब होने से नुकसान बढ़ रहा है।
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आढ़ती मो. शादाब ने बताया कि दिल्ली से नाफेड का प्याज मंगाने की तैयारी थी, लेकिन खराब गुणवत्ता की जानकारी के बाद खेप नहीं मंगाई। प्याज सस्ता है, लेकिन आधा माल खराब हो जाए तो लागत और बिक्री मूल्य का अंतर ही खत्म हो जाता है।
वहीं नाफेड के राज्य हेड अमित शुक्ला ने बताया कि सरकारी प्याज को गुणवत्ता के आधार पर ए, बी और सी श्रेणी में बेचा जा रहा है। इसकी कीमत करीब 22 रुपये प्रति किलो तक है। देश में प्याज की उपलब्धता सीमित होने के कारण इसे श्रेणी के अनुसार जनता को उपलब्ध कराया जा रहा है।
मांग रद्द होने से सब्जी कारोबारियों को नुकसान
हल्द्वानी। कैची धाम में उमड़े जनसैलाब के कारण थोक मंडी के सब्जी व्यापारियों को नुकसान हुआ है। पर्वतीय क्षेत्रों से फल और सब्जियों की मांग रद्द होने से कारोबार भी प्रभावित हुआ। आढ़तियों के अनुसार, लगभग 50 फीसदी सब्जियों पर इसका सीधा असर पड़ा है। आढ़ती जीवन कार्की ने बताया कि अल्मोड़ा सहित अन्य जिलों के लिए भेजे जाने वाले ऑर्डर कैंसिल हो गए। जाम लगने से वाहन देरी से पहुंचे। आढ़ती राजेश मिश्रा ने बताया कि उनके दो ट्रक सब्जियों के ऑर्डर रद्द हुए जबकि जाम लगने से भाड़ा भी ज्यादा लगा।