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एक सप्ताह के भीतर करें किसानों का भुगतान : हाईकोर्ट
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प्रतीकात्मक फोटो।
नैनीताल। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि रबी और खरीफ की फसलें खरीदने के बाद 48 घंटों से लेकर एक सप्ताह के भीतर तक किसानों का भुगतान करे। कोर्ट ने इस प्रकरण पर 12 मई को हुई सुनवाई के बाद निर्णय सुरक्षित रख लिया था।
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया एवं न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार शांतिपुरी (ऊधमसिंह नगर) निवासी डॉ.गणेश उपाध्याय और मुरली मनोहर श्रीवास्तव ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर किसान हित में उनके बकाए का भुगदतान त्वरित किए जाने की प्रार्थना की थी। याचिकाओं में कहा गया था कि सरकार ने बीते वर्ष की गई गन्ने की खरीद का भुगतान अभी तक किसानों को नहीं किया है।
यह भी कहा गया कि वर्तमान वर्ष के साथ ही पहले की गई धान की खरीद का भी लगभग 3 करोड़ 25 लाख का भुगतान बकाया है। याचिका में कहा गया कि बकाया भुगतान न होने से छोटे किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। समय पर भुगतान न होने से किसान आत्महत्या कर रहे हैं।
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हाईकोर्ट के फैसले से किसानों को मिला न्याय
नैनीताल। किसान हित को लेकर जनहित याचिका दायर करने वाले डॉ. गणेश उपाध्याय का कहना है कि न्यायालय के आदेश से किसानों को न्याय मिला है। किसान हित में उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि अब वह सरकार को खरीफ की फसल बेचने वाले काश्तकारों से संपर्क करेंगे। उन्हें हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी देंगे। यदि सरकार की ओर से काश्तकारों को नियत समयावधि यानी 48 घंटे से एक सप्ताह के बीच भुगतान नहीं किया गया, तो वह हाईकोर्ट के समक्ष अवमानना याचिका दायर करेंगे।
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न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया एवं न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार शांतिपुरी (ऊधमसिंह नगर) निवासी डॉ.गणेश उपाध्याय और मुरली मनोहर श्रीवास्तव ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर किसान हित में उनके बकाए का भुगदतान त्वरित किए जाने की प्रार्थना की थी। याचिकाओं में कहा गया था कि सरकार ने बीते वर्ष की गई गन्ने की खरीद का भुगतान अभी तक किसानों को नहीं किया है।
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यह भी कहा गया कि वर्तमान वर्ष के साथ ही पहले की गई धान की खरीद का भी लगभग 3 करोड़ 25 लाख का भुगतान बकाया है। याचिका में कहा गया कि बकाया भुगतान न होने से छोटे किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। समय पर भुगतान न होने से किसान आत्महत्या कर रहे हैं।
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हाईकोर्ट के फैसले से किसानों को मिला न्याय
नैनीताल। किसान हित को लेकर जनहित याचिका दायर करने वाले डॉ. गणेश उपाध्याय का कहना है कि न्यायालय के आदेश से किसानों को न्याय मिला है। किसान हित में उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि अब वह सरकार को खरीफ की फसल बेचने वाले काश्तकारों से संपर्क करेंगे। उन्हें हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी देंगे। यदि सरकार की ओर से काश्तकारों को नियत समयावधि यानी 48 घंटे से एक सप्ताह के बीच भुगतान नहीं किया गया, तो वह हाईकोर्ट के समक्ष अवमानना याचिका दायर करेंगे।