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प्रतिभागियों ने पांडुलिपि संरक्षण की बारीकियां सीखीं
ब्यूरो/अमर उजाला,नैनीताल
Updated Fri, 06 Feb 2015 02:18 AM IST
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राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन के सहयोग से चल रही कार्यशाला में बृहस्पतिवार को आयोजक संस्था हिमालयन सोसायटी फार हैरिटेज एंड आर्ट कंजरवेशन द्वारा पांडुलिपि संरक्षण के क्षेत्र में किए गए कार्यों की जानकारी प्रतिभागियों को दी गई।
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कार्यशाला के मास्टर ट्रेनर ललित पाठक ने बताया कि संस्था ने राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन के तहत अब तक डीएसबी कैंपस में हिमालयन म्यूजियम, डीएसबी के ही संस्कृति विभाग, पद्मश्री यशोधर मठपाल के निजी संग्रहालय, सालम पट्टी अल्मोड़ा के पभाऊं, सैंज गांव, बागेश्वर के कांडा, पिथौरागढ़, मुंबई विद्यापीठ, टिहरी रियासत दस्तावेज (जो वहीं के भवानी सिंह पंवार के पास है), क्षेत्रीय अभिलेखागार नैनीताल, राजकीय अभिलेखागार देहरादून, उत्तराखंड अकादमी हरिद्वार की पांडुलिपियों के साथ ही कई पांडुलिपियों का संरक्षण कार्य किया है। उन्होंने कहा कि संस्था किसी भी पांडुलिपि को अपने पास नहीं रखती है।
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निशुल्क संरक्षित कराएं दस्तावेज
संस्था के प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर संजय साह ने लोगों से अपील की है कि किसी के भी पास 75 साल से अधिक समय का कोई लिखित दस्तावेज हो तो जानकारी दें, उसे उनकी संस्था संरक्षित करने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि संस्था संरक्षित करने के बाद उसी को दे दी जाएगी। संस्था इसके लिए किसी तरह शुल्क नहीं लेती है। निशुल्क उनके घर पर जाकर पांडुलिपि संरक्षण का कार्य किया जाएगा।
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