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Nainital News: ज्योलीकोट में पीलिया से 50 से अधिक मरीज
Thu, 03 Sep 2026 01:20 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Thu, 03 Sep 2026 01:20 AM IST
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ज्योलीकोट/नैनीताल। ज्योलीकोट क्षेत्र में जलजनित बीमारी पीलिया का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। दूषित पेयजल आपूर्ति के कारण पूरे इलाके में 50 से अधिक पीलिया मरीज सामने आए हैं। ज्योलीकोट गांव में ही पीड़ितों की संख्या तीस के पार पहुंच गई है।
पिछले दो महीने से जल संस्थान की ओर से दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। इससे ज्योलीकोट, बेलुवाखान, वीरभट्टी, छीना सहित कई गांवों में स्थिति गंभीर बनी हुई है। कई मरीजों को दिल्ली, बरेली और हल्द्वानी के बड़े अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा है। अभी भी कई मरीज अस्पतालों में उपचार करा रहे हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी रश्मि पंत ने बताया कि ज्योलीकोट और वीरभट्टी छीना में आयोजित शिविर में 26 लोगों की जांच की गई और ज्योलीकोट पीएचसी में 43 लोगों उपचार के लिए पहुंचे। बताया कि शिविर में डॉ. पल्लवी किशोर, डॉ. मोहन भट्ट, डॉ. बलराज और फार्मासिस्ट नम्रता आदि ने जांच की।
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ज्योलीकोट नैनीताल स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. गर्वित ने कहा कि यदि पहले ही दूषित पानी की आपूर्ति रोक दी जाती तो इतने लोग बीमार नहीं होते।
शिविर रद्द होने से परेशानी
ज्योलीकोट सरिताताल में पूर्व घोषित स्वास्थ्य शिविर नहीं लग पाया। इससे कई लोग जांच और उपचार के लिए इंतजार करते रह गए। उप प्रधान लक्ष्मण बिष्ट और मनोज कांडपाल ने बताया कि कई लोग अपनी जांच और उपचार के लिए हल्द्वानी या नैनीताल जाने वाले थे। विभागीय अधिकारियों ने मौसम की प्रतिकूलता और मार्ग अवरोध को शिविर रद्द होने का कारण बताया।
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पिछले दो महीने से जल संस्थान की ओर से दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। इससे ज्योलीकोट, बेलुवाखान, वीरभट्टी, छीना सहित कई गांवों में स्थिति गंभीर बनी हुई है। कई मरीजों को दिल्ली, बरेली और हल्द्वानी के बड़े अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा है। अभी भी कई मरीज अस्पतालों में उपचार करा रहे हैं।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी रश्मि पंत ने बताया कि ज्योलीकोट और वीरभट्टी छीना में आयोजित शिविर में 26 लोगों की जांच की गई और ज्योलीकोट पीएचसी में 43 लोगों उपचार के लिए पहुंचे। बताया कि शिविर में डॉ. पल्लवी किशोर, डॉ. मोहन भट्ट, डॉ. बलराज और फार्मासिस्ट नम्रता आदि ने जांच की।
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ज्योलीकोट नैनीताल स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. गर्वित ने कहा कि यदि पहले ही दूषित पानी की आपूर्ति रोक दी जाती तो इतने लोग बीमार नहीं होते।
शिविर रद्द होने से परेशानी
ज्योलीकोट सरिताताल में पूर्व घोषित स्वास्थ्य शिविर नहीं लग पाया। इससे कई लोग जांच और उपचार के लिए इंतजार करते रह गए। उप प्रधान लक्ष्मण बिष्ट और मनोज कांडपाल ने बताया कि कई लोग अपनी जांच और उपचार के लिए हल्द्वानी या नैनीताल जाने वाले थे। विभागीय अधिकारियों ने मौसम की प्रतिकूलता और मार्ग अवरोध को शिविर रद्द होने का कारण बताया।