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Uttarakhand: अब 71 से अधिक सचिवालय कर्मियों की बर्खास्तगी के आदेश पर हाईकोर्ट की रोक

Thu, 20 Oct 2022 12:27 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल Published by: हल्द्वानी ब्यूरो Updated Thu, 20 Oct 2022 12:27 AM IST
सार

न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ में मीनाक्षी शर्मा और 71 अन्य की याचिका पर सुनवाई हुई। विस सचिवालय से बर्खास्त इन कर्मचारियों ने बर्खास्तगी आदेश को चुनौती दी है।

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Uttarakhand News: High Court ban on order of dismissal of more than 71 secretariat personnel
कोर्ट - फोटो : सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

नैनीताल हाईकोर्ट ने विधानसभा सचिवालय से बर्खास्त किए गए 71 से अधिक कर्मचारियों की बर्खास्तगी के आदेश पर बुधवार को रोक लगा दी। इससे पहले हाईकोर्ट ने 15 अक्तूबर को करीब 56 बर्खास्त कर्मियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए उनकी बर्खास्तगी के आदेश पर रोक लगाई थी।

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न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ में मीनाक्षी शर्मा और 71 अन्य की याचिका पर सुनवाई हुई। विस सचिवालय से बर्खास्त इन कर्मचारियों ने बर्खास्तगी आदेश को चुनौती दी है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने विधानसभा सचिवालय के 26, 27, 28 सितंबर के बर्खास्तगी आदेश पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी। अदालत ने विधानसभा सचिवालय व सरकार को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
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कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि ये कर्मचारी अपने पदों पर कार्य करते रहेंगे। सचिवालय चाहे तो स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया सुचारु रख सकती है। ये कर्मचारी भविष्य में होने वाली नियुक्ति प्रक्रिया को बाधित नहीं करेंगे और कार्यभार ग्रहण करने से पहले शपथपत्र पेश करेंगे।


याचिकाकर्ताओं का पक्ष रखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश थपलियाल ने कोर्ट को बताया कि विधानसभा अध्यक्ष की ओर से लोकहित को देखते हुए उनकी सेवाएं 26, 27, 28 सितंबर को समाप्त कर दी गईं। उन्हें किस आधार पर हटाया गया, इसका बर्खास्तगी आदेश में कहीं उल्लेख नहीं किया गया और न ही उन्हें सुना गया। वह भी तब जबकि वे सचिवालय में नियमित कर्मचारियों की भांति कार्य कर रहे थे।

विधान सभा सचिवालय का पक्ष रखते हुए अधिवक्ता विजय भट्ट ने कहा कि इनकी नियुक्ति बैकडोर से हुई है और इन्हें काम चलाऊ व्यवस्था के आधार पर रखा गया था। इसी आधार पर इन्हें हटा दिया गया। इन कर्मचारियों की नियुक्ति 2021 में हुई थी।

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