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धारा 144 का उल्लंघन किसी को नहीं दिख रहा
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हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज के परीक्षाओं के चलते धारा 144 लगी है। कॉलेज में सीटें बढ़ाए जाने और सभी छात्रों को प्रवेश देने की मांग को लेकर छात्रनेता 10 दिनों से आंदोलित हैं। कॉलेज प्रशासन परीक्षाओं के व्यवधान होने की आशंका के साथ ही कॉलेज में धारा 144 का उल्लंघन किए जाने का उल्लेख करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट और कोतवाल को पत्र भेज चुके हैं। अब कॉलेज परिसर में तंबू गाड़कर छात्रों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है लेकिन पुलिस और प्रशासन मौन है।
प्रभारी प्राचार्य डॉ. कमला पंत ने शनिवार को कॉलेज में छात्रों के भूख हड़ताल शुरू करने के तुरंत बाद सिटी मजिस्ट्रेट को लिखित में सूचना दी थी। उन्होंने कहा था कि कॉलेज में परीक्षाएं चल रही हैं और कॉलेज परिसर में धारा 144 प्रभावी है। कॉलेज में उत्तरपुस्तिकाएं, प्रश्नपत्र, अकाउंट, गोपनीय दस्तावेज समेत तमाम जरूरी चीजें हैं। ऐसे में कॉलेज प्रशासन को सुरक्षा की चिंता लगी है। उन्होंने कॉलेज परिसर से छात्रों को बाहर करने का अनुरोध पुलिस और सिटी मजिस्ट्रेट से किया था। पुलिस मौके पर गई लेकिन न तो आंदोलनकारी छात्रों को उठाया गया और न हीं धारा 144 संबंधी कोई कार्रवाई की गई। इससे पूर्व भी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. बीआर पंत ने कोतवाली पुलिस को लिखित में कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पत्र दिया था लेकिन उस पत्र पर भी कार्रवाई नहीं हुई। अब छात्रों की भूख हड़ताल से कॉलेज का माहौल अधिक संवेदनशील हो गया है।
कोतवाल अरुण कुमार सैनी का कहना है कि कॉलेज प्रशासन ने पत्र दिया है लेकिन छात्रों को हटाने के लिए मजिस्ट्रेट के आदेश और कॉलेज की अनुशासन समिति का मौजूद रहना जरूरी है। मजिस्ट्रेट का आदेश मिलेगा और अनुशासन समिति की मौजूदगी में परिसर से छात्रों को हटाया जाएगा।
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सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह का कहना है कि एमबीपीजी कॉलेज की प्रभारी प्राचार्य के पत्र के बाद तहसीलदार को मेडिकल टीम के साथ कॉलेज में भेजा गया था। कॉलेज में धारा 144 लगी है लेकिन वहां चार ही छात्र भूख हड़ताल पर बैठे थे। हुजूम में छात्र नहीं थे। भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों को भी मेडिकल परीक्षण के बाद अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। धारा 144 का उल्लंघन नहीं होने दिया जाएगा।
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प्रभारी प्राचार्य डॉ. कमला पंत ने शनिवार को कॉलेज में छात्रों के भूख हड़ताल शुरू करने के तुरंत बाद सिटी मजिस्ट्रेट को लिखित में सूचना दी थी। उन्होंने कहा था कि कॉलेज में परीक्षाएं चल रही हैं और कॉलेज परिसर में धारा 144 प्रभावी है। कॉलेज में उत्तरपुस्तिकाएं, प्रश्नपत्र, अकाउंट, गोपनीय दस्तावेज समेत तमाम जरूरी चीजें हैं। ऐसे में कॉलेज प्रशासन को सुरक्षा की चिंता लगी है। उन्होंने कॉलेज परिसर से छात्रों को बाहर करने का अनुरोध पुलिस और सिटी मजिस्ट्रेट से किया था। पुलिस मौके पर गई लेकिन न तो आंदोलनकारी छात्रों को उठाया गया और न हीं धारा 144 संबंधी कोई कार्रवाई की गई। इससे पूर्व भी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. बीआर पंत ने कोतवाली पुलिस को लिखित में कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पत्र दिया था लेकिन उस पत्र पर भी कार्रवाई नहीं हुई। अब छात्रों की भूख हड़ताल से कॉलेज का माहौल अधिक संवेदनशील हो गया है।
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कोतवाल अरुण कुमार सैनी का कहना है कि कॉलेज प्रशासन ने पत्र दिया है लेकिन छात्रों को हटाने के लिए मजिस्ट्रेट के आदेश और कॉलेज की अनुशासन समिति का मौजूद रहना जरूरी है। मजिस्ट्रेट का आदेश मिलेगा और अनुशासन समिति की मौजूदगी में परिसर से छात्रों को हटाया जाएगा।
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सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह का कहना है कि एमबीपीजी कॉलेज की प्रभारी प्राचार्य के पत्र के बाद तहसीलदार को मेडिकल टीम के साथ कॉलेज में भेजा गया था। कॉलेज में धारा 144 लगी है लेकिन वहां चार ही छात्र भूख हड़ताल पर बैठे थे। हुजूम में छात्र नहीं थे। भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों को भी मेडिकल परीक्षण के बाद अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। धारा 144 का उल्लंघन नहीं होने दिया जाएगा।